बलिया में ऑपरेशन कॉन्विक्शन के तहत नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष की सजा
बलिया : उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कॉन्विक्शन अभियान के तहत बलिया पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। थाना नगरा क्षेत्र के एक गंभीर मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), कोर्ट संख्या-8, बलिया ने अभियुक्त आनंद पासवान को 20 वर्ष के सश्रम कारावास सहित कुल 20,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामले की पृष्ठभूमि: थाना नगरा क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग पुत्री को तीन लोगों ने बहला-फुसलाकर भगा लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस पर थाना नगरा पुलिस ने तत्काल प्रभाव से मुकदमा संख्या 392/2022 दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने जांच के बाद तीनों अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
अदालती निर्णय: प्रभावी पुलिस मॉनिटरिंग और अभियोजन विभाग की सशक्त पैरवी के फलस्वरूप आनंद पासवान (पुत्र सूर्यनाथ पासवान, निवासी छितौना, थाना नगरा) को दोषी करार दिया गया। न्यायालय ने उसे निम्नानुसार सजा सुनाई:
धारा 4(2) पॉक्सो एक्ट: 20 वर्ष सश्रम कारावास, ₹10,000 अर्थदंड; भुगतान न करने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास
धारा 363 भा.दं.सं.: 5 वर्ष सश्रम कारावास, ₹5,000 अर्थदंड; भुगतान न करने पर 3 माह अतिरिक्त कारावास
धारा 366 भा.दं.सं.: 7 वर्ष सश्रम कारावास, ₹5,000 अर्थदंड; भुगतान न करने पर 3 माह अतिरिक्त कारावास
अन्य दो अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
प्रभावी भूमिका:
इस मामले में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्री राकेश पाण्डेय की ओर से प्रभावी पैरवी की गई, जिससे पीड़िता को न्याय मिला और आरोपी को कठोर दंड मिला।
बलिया पुलिस की प्रतिबद्धता:
बलिया पुलिस ने एक बार फिर यह साबित किया है कि महिलाओं और बच्चियों के विरुद्ध अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऑपरेशन कॉन्विक्शन अभियान के तहत ऐसे मामलों में शीघ्र व कठोर सजा दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
By- Dhiraj Singh


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