जानें बलिया में गंगा उसपार नौरंगा, चक्की नौरंगा, भगवानपुर के डेरा, उदई छपरा के डेरा, भुवाल छपरा में क्यो नही स्वीकृत हुई कोई बाढ़ व कटान रोकने की परियोजना
By- Dhiraj Singh
बलिया : बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल द्वारा गंगा उस पार के नौरंगा, चक्की नौरंगा, भगवानपुर के डेरा, उदई छपरा के डेरा, भुवाल छपरा को बचाने के लिए रिंग बांध बनवाने व कटान रोधी कार्य कराने की मांग बार-बार सदन में उठाने के बावजूद कटान के कारण चक्की नौरंगा का अस्तित्व लगभग समाप्त हो गया अधिशासी अभियंता द्वारा विधायक जयप्रकाश अंचल के डिमांड के विपरीत शासन को पत्र लिखने के कारण सरकार ने रिंग बांध व कटानरोधी कार्य करने के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई धन स्वीकृत नहीं किया। विधायक जयप्रकाश अंचल ने सदन में मांग किया था कि गंगा पार के उक्त गांव को कटान का खतरा है यहां कटान रोधी कार्य कराया जाए इसके लिए शासन धन स्वीकृत कर उचित कार्रवाई करें। जिसके जवाब में बाढ़ खंड बलिया के अधिशासी अभियंता संजय मिश्र ने शासन को रिपोर्ट भेजा था की गंगा नदी के दूसरे किनारे पर अवस्थित भुसावल छपरा नौरंगा से लेकर चक्की नौरंगा तक( बाढ़ का मैदानी क्षेत्र) में स्थित है गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी फैल जाता है और कम होने पर स्वत पानी नदी में चला जाता है। डूब क्षेत्र में रिंग बांध का निर्माण करना तकनीकी व आर्थिक रूप से साध्य नहीं है बाढ़ सुरक्षा के दिशा निर्देशों के अनुसार संभव नहीं है।
इसके बाद सरकार ने उक्त पत्र के प्रति विधायक जयप्रकाश अंचल को भेजते हुए कटानरोधी कार्य होने की संभावना पर विराम लगा दिया।
इस संदर्भ में विधायक से पूछने पर बताया कि मैंने एक बार नहीं कई बार नौरंगा, चक्की नौरंगा, भगवानपुर के डेरा उदई छपरा के डेरा, भुआल छपरा आदि गांवो के लोगों की चिंता से सरकार को पहले ही अवगत कराया था किंतु अधिशासी अभियंता का पत्र मेरे प्रयास पर पानी फेर दिया व गंगा पार के गांव को बचाने के लिए सरकार द्वारा ना तो कोई धन एलाट किया गया नहीं कोई परियोजना स्वीकृत की गई ।अब जबकि चक्की नौरंगा लगभग डेढ़ सौ मकान गंगा में विलीन हो चुके हैं गांव का अस्तित्व मिटने को है अब ऐसे में संबंधित अधिशासी अभियंता से शासन प्रशासन में बैठे लोग व जनता जनार्दन को पूछना चाहिए कि ऐसा कैसे हो गया। विधायक ने बताया कि इस संदर्भ में जैसे ही सदन की बैठक शुरू होगी इस प्रकरण को उठाऊंगा।


No comments