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बलिया के दर्जन भर गांवों में घुसा घाघरा का पानी, उतनाही लहरें मचा रही तबाही



 मनियर( बलिया ): घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे बृद्धी से  तटवर्ती गांवों में पानी घूसने के कारण ग्रामीण दहशत में जीने को मजबूर है। जिस बेग से घाघरा का पानी दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है।  वह बाईस साल पहले  की यादें पुनरावृत्ति होने लगी है। 

गौरतलब हो कि 1998 में जब घाघरा नदी ने  बिकराल रूप धारण किया तो मनियर बस स्टैण्ड के पास टीएस बंधे को तोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ रूख अख्तियार कर लिया। वहीं मनियर कस्बे में नाव से लोगों का आना जाना रहा। घाघरा के बढ़ रहे पानी से तटवर्ती गांव बहदूरा, असना, पिलूई, टुकड़ा नं 2, बहेरापार, ऐलासगढ़, पटखौली पूरब, कस्बा मनियर सहित दर्जनों गांव के ग्रामीण भयभीत है। सैकड़ों एकड़ किसानों के फसल डूब गए है। 

एक तरफ किसानों के बारिश के पानी से नुकसान झेल रहे तो दूसरी तरफ घाघरा का तांडव जारी है। किसानों की मानें तो एक तरफ कोरोना महामारी से उबर नही पाए। तब तक घाघरा का पानी ने तबाही मचाना शुरू कर दिया। धान, मक्का आदि की फसल डूबने के कारण भोजन के लाले पड़ने का डर सताने लगा है। सबसे अधिक समस्या मवेशियों के चारे का हो गया है।


*घाघरा के कोप से टापू बने तीन गांव*



रेवती (बलिया) : डेन्जर लेवल से सवा मी ऊपर बह रही सरयू के वेग से टीएस बंधा के उत्तर फ्लड जोन में बसे नवकागांव के पासवान बस्ती, धूपनाथ और बैजनाथ यादव के डेरा गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गये है । इन गांवों का संबंध बंधा से कट गया है। नवकागांव के प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप पासवान ने बताया कि अभी तक नांव की ब्यवस्था सुनिश्चित नही हो पायी है ।

 डेढ़ सौ परिवार बाढ़ से प्रभावित है कम से कम आधा दर्जन नाव की  व्यवस्था आवश्यक है । बाढ़ के पानी से घिरे धूपनाथ और बैजनाथ यादव के डेरा लगभग पांच दर्ज़न से अधिक परिवार है । बंधे से गांव की दूरी अढ़ाई से तीन कि मी है । बंधे पर आने के लिए प्रभावित लोगों को डाढ भर पानी हेलकर आना पड़ रहा है। पूर्व प्रधान धूपनाथ यादव ने बताया कि नाव के लिए एस डी एम बैरिया व तहसीलदार से निवेदन करने पर जल्द व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया है। बंधा के वशिष्ठनगर  प्लाट ढाला से गोपालनगर जाने वाले संपर्क मार्ग की पुलिया विगत वर्ष से ध्वस्त है । जिससे कई गांवो का सीधा संपर्क बंधा से कट गया है ।








रिपोर्ट #राममिलन तिवारी, पुनीत केशरी




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