ध्वस्त पीपापुल का निर्माण नहीं होने से यूपी बिहार के बीच आवागमन अवरुद्ध
सिकंदरपुर, बलिया । क्षेत्र के खरीद व दरौली घाटों के मध्य सरयू पर बने पीपा पुल के ध्वस्त दक्षिणी नाका का निर्माण अब तक(तीसरे दिन)भी नहीं हो पाया है।इससे यूपी और बिहार के बीच आवागमन पूरी तरह से अवरुद्ध हो कर रह गया है।
उधर नाका के दोनों तरफ नदी का कटान निर्बाध रूप से जारी रहने से खरीद दियारा के किसानों की चिंता बढ़ गई है।
यह तथ्य है कि नाका टूटने के बाद से ही लोकनिर्माण विभाग के अधिकारी व कर्मचारी एवं पुल के ठेकेदार द्वारा उस के निर्माण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।निर्माण कार्य में नाका के समीप हो रहा पानी का तेज बहाव व कटान बाधक बन रहा है। कटान के मद्देनजर यह संशय बना रहेगा कि पुनर्निर्मित नाका कटान को झेल पायेगा या नहीं। वैसे नाका के निर्माण में हो रहे विलम्ब से क्षेत्रवासियों में रोष व्याप्त है।
इस दौरान शुक्रवार को कार्यस्थल पर मौजूद सहायक अभियंता क्षितिश कुमार जायसवाल ने बताया कि नाका का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर पुल पर आवागमन शुरू करा दिया जाएगा। दरौली घाट से मौक़े पर दो पीपे मंगा कर उन्हें जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है।जबकि निर्माण कार्य की कच्छप गति को देखते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पीपा पुल के नाका का निर्माण शुक्रवार शाम तक भी नहीं हो पायेगा।तब तक लोग नदी पार करने की कठिनाई झेलते रहेंगे।
--खरीद घाट की तरफ सरयू नदी का कटान क्रमशः तेज होता जा रहा है।कटान का दायरा भी बढ़ता जा रहा है।पीपा पुल के दोनों तरफ करीब एक -एक किलोमीटर की दूरी तक कटान फैल गया है।इस दौरान किसानों की करीब 30 डिसमिल जमीन कटान की चपेट में आ कर नदी में समाहित हो चुकी है।
--नदी में असमय हो रहे कटान के मूल में पीपा पुल के पूरब तरफ निर्मित हो रहे पक्का पुल के पाए हैं।पायों के निर्बाध निर्माण हेतु मजदूरों ने उस के समीप बंधी बना कर नदी जल के सुचारू बहाव को अवरुद्ध कर दिया है।जिससे पश्चिम से आने वाला नदी का पानी पायों के निर्माण स्थल से वापस आ कर पीपा पुल के आसपास जमीन को काट रहा है।
रिपोर्ट-हेमंत राय


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