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प्रशासन के उदासीनता के चलते विद्यालय की चहारदीवारी का काम रुका, ग्रामीणों में आक्रोश


रतसर (बलिया) सरकार ने परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदलने के लिए कायाकल्प योजना की शुरूआत की है। इसके तहत सभी सरकारी विद्यालयों में छत की मरम्मत, फर्श पर टाइल्स, चहारदीवारी, गेट, इन्टरलांकिंग टाइल्स समेत तमाम कार्य कराए जाने है। यह सभी काम पंचायती राज विभाग को कराने है। जिले के कई विद्यालयों में आपरेशन कायाकल्प के तहत काम कराया गया है लेकिन अभी भी जिले में तमाम ऐसे विद्यालय है जहां बुनियादी सुविधाएं तक नही है। हालात यह है कि इन विद्यालयों में चहारदीवारी तक नहीं बन सकी है। जो बच्चों के लिए खतरा बने हुए है। ऐसा ही एक परिषदीय विद्यालय गड़वार विकास खण्ड के पड़वार गांव में स्थित है जहां आज तक चहारदीवार नहीं बनी थी। जिसके कारण आवारा पशु एवं वाहनों की आवाजाही बनी रहती है ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए ग्राम प्रधान राजकमल यादव ने ग्राम योजना समिति से प्रस्ताव पारित कराकर चहारदीवारी का निर्माण कराना शुरू किया। तीन तरफ से तो दीवाल तैयार हो गई लेकिन विद्यालय के भूमि से सटे हुए पूर्वी छोर पर कास्तकारों द्वारा निर्माण कार्य रुकवा दिया कि यह जमीन हमारे खेत में है। इसकी शिकायत ग्राम प्रधान ने उप जिलाधिकारी सदर को लिखित रूप से सुचना देकर सीमांकन कराने की गुहार लगाई हालांकि एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से मामले को संज्ञान में लेते हुए राजस्व निरीक्षक एवं क्षेत्रीय लेखपाल को सीमांकन करा कर चहारदीवारी निर्माण का आदेश दे दिया। लेकिन बार-बार ग्राम प्रधान के गुहार लगाने के बाद राजस्व विभाग की उदासीनता के चलते सीमांकन नही किया जा रहा है। जबकि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसम्बर के बाद पंचायती राज विभाग के पास चला जाएगा। राजस्व विभाग के हीलाहवाली को लेकर ग्रामीणों में जनआक्रोश बढता जा रहा है।


रिपोर्ट : धनेश पाण्डेय

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