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मातृ मृत्यु-दर में सुधार को लेकर सरकार की विशेष पहल जारी किया गया टोल फ्री नंबर- 104

 


रिपोर्ट : धीरज सिंह


- मातृ मृत्यु की सूचना देने पर मिलेंगे एक हजार रूपये 


-सूचना देने पर आशा व  आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को भी मिलेगी यह राशि 


बलिया : गर्भवती  या प्रसूता की मृत्यु की प्रथम सूचना देने वाले को सरकार की तरफ से 1000 रुपये  दिए जायेंगे । शासन ने यह पहल मातृ-मृत्यु के कारणों का पता लगाने और उनकी समीक्षा के लिए की है। यह सूचना टोल फ्री नंबर 104 पर देनी है । सूचना के आधार पर स्वास्थ्य केंद्रों पर टीम गठित कर मौत के कारणों की समीक्षा की जाएगी। यह जानकारी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/ एसीएमओ (आरसीएच) डॉ० सुधीर कुमार तिवारी ने दी। उन्होंने  बताया कि इस संबंध में शासन से पत्र मिला  है, जिसमें विस्तृत दिशा-निर्देश दिये गये हैं ।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ० आरबी यादव ने बताया कि सूचना देने वाला सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए। अगर आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी सूचना देती हैं तो उन्हें एक हजार रूपये की  राशि मिलेगी। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देशित किया गया है कि वह हर हाल में 24 घंटे के भीतर मातृ-मृत्यु की सूचना दें। मातृ-मृत्यु के तहत गर्भवती मां की मौत के अलावा प्रसव के 42 दिन के भीतर होने  वाली मौत शामिल है । शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसी मौत को आशा कार्यकर्ता छिपायें नहीं | मौत की सूचना देने वाले किसी भी कर्मचारी पर कोई दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में एक अप्रैल से 20 सिंतबर 2021 तक मातृ-मृत्यु के आठ  मामले रिपोर्ट हुए हैं । 

ऐसे रुकेगी मातृ-मृत्यु:-

• 18 वर्ष की उम्र के बाद ही करें विवाह

• पहला बच्चा शादी के दो साल बाद, दो बच्चों में तीन साल का हो अंतर

• गर्भावस्था के दौरान मां को पौष्टिक भोजन दिया जाए

• गर्भवती की सभी प्रसव पूर्व जांच हो और टीकाकरण करवाया जाए

• प्रसव पूर्व जांच में ही उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान हो और उसका प्रबंधन हो

• सिर्फ संस्थागत प्रसव ही करवाया जाए

• प्रसव पीड़ा होने पर 102 नंबर एंबुलेंस का उपयोग हो

• प्रसव के 48 घंटे से 72 घंटे तक स्वास्थ्य इकाई में ही प्रसूता को रखा जाए

• जच्चा-बच्चा के पोषण और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए

इन स्थितियों में नहीं मिलेगी प्रोत्साहन राशि:-

• सूचनादाता के सरकारी कर्मचारी होने पर

• प्रथम सूचनादाता न होने पर

• प्रसव के 42 दिन बाद होने वाली मौतों की सूचना पर

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