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मां शतचंडी हवनात्मक नौ कुंडीय महायज्ञ 25 जनवरी से




बांसडीह, बलिया । मां शतचंडी हवनात्मक नौ कुंडीय महायज्ञ का आयोजन 25 जनवरी दिन शनिवार से प्रारंभ होकर 3 फरवरी दिन सोमवार तक बांसडीह बेरुआरबारी मार्ग स्थित बांसडीह साधन सहकारी समिति के दक्षिण स्थित नहर के  पास  संपन्न होगा। इस माँ शतचण्डी  यज्ञ की कलश यात्रा 25 जनवरी दिन शनिवार को बांसडीह स्थित दुर्गा मंदिर  कचहरी पर से मां गंगा के जल द्वारा भरकर  यज्ञ मंडप तक ले जाया जाएगा। यज्ञाचार्य पंडित पवन शुक्ला व  श्री श्री 1008  श्री विजय रामदास जी के सानिध्य में यज्ञ का आयोजन होगा।


इस माँ शतचण्डी यज्ञ के बारे में यज्ञ के आचार्य  पवन शुक्ला व  संत विजय राम दास जी ने बताया कि शतचंडी यज्ञ बिगड़े ग्रहों को अपने पक्ष में करने का अचूक उपाय है। मां दुर्गा को शक्ति की देवी कहा जाता है। मां को प्रसन्न करने के लिए जिसे विधि को पूर्ण किया जाता है उसे शतचंडी यज्ञ कहा जाता है। नवचंडी यज्ञ को सनातन धर्म में बेहद शक्तिशाली वर्णित किया गया है। इस यज्ञ से बिगड़े हुए ग्रहों की स्थिति को सही किया जा सकता है। और सौभाग्य इस विधि के बाद आपका साथ देने लगता है ।मनुष्य खुद को एक आनंदित वातावरण में महसूस कर सकता है। वेदों में इसकी महिमा के बारे में यहां तक कहा गया है की  शतचंडी यज्ञ के बाद आपके दुश्मन भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। इस यज्ञ को गणेश जी भगवान शिव नवग्रह और नव दुर्गा देवी को समर्पित करने से मनुष्य का जीवन धन्य हो जाता है। इस यज्ञ को करने में विद्वान ब्राह्मणों द्वारा 700 श्लोकों का पाठ किया जाता है जो कि एक विद्वान ब्राह्मण ही कर सकता  है। यह नवचंडी यज्ञ का साधारण यज्ञ भी  बेहद शक्तिशाली और बड़ा यज्ञ  होता है ।जिसमें देवी मां की अपार कृपा होती है ।सनातन इतिहास में कहा गया हैं  कि पूर्व काल मे  देवता और राक्षस लोग ऐसे यज्ञ का प्रयोग ताकतवर ऊर्जावान होने के लिए निरंतर  करते थे ।दुर्गा सप्तशती के 108 बार करने को शतचंडी पाठ महायज्ञ कहा जाता है फिर इसिव पाठ्य को 1008 बार करने को सहस्त्र चंडी महायज्ञ कहा जाता है और फिर इस  पाठ्य को 100008 करने को  लक्ष्य चंडी महायज्ञ कहा जाता है ।
 इस यज्ञ को  कराने से वातावरण की शुद्धता , गंगा नदी की निर्मलता व स्वच्छता के लिए लोगों में जागरूकता ,पौराणिक स्थलों की भव्यता , व जीर्णोद्धार के लिए समग्र बाधाओं से मुक्त होने के लिए आस्था को समर्पित इस यज्ञ से चारों दिशाओं में मातृ शक्ति की कृपा बरसे एक समस्त लोगों के प्रयास से किया जाने वाला यह धार्मिक आयोजन है ।जो अपने संस्कृति एवं आस्था को समर्पित है ।यज्ञ के आयोजक प्रतीक कुमार सिंह ने बताया कि नौ दिन चलने वाले यज्ञ के बाद संगीतमयी देवी कथा,भागवत कथा  भी होगी और इसको बृंदावन से पधारे भागवत भूषण व  बृज बिहारी जी महाराज के द्वारा किया जाएगा। यज्ञ के अंतिम दिन माँ भगवती का जागरण अंतरराष्ट्रीय भजन गायक नन्दू जी महाराज व दिव्या माँ द्वारा सम्पन्न होगा ।




रिपोर्ट : के के पांडेय

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