इस बैंक मैनेजर की लापरवाही उपभोक्ताओं पर पड़ रही भारी
रसड़ा (बलिया)। बैंककर्मियों को ट्रेनिंग में ग्राहकों के साथ कुशल व्यवहार करने सहित तमाम तरह के निर्देश दिए जाते है।अच्छे लोग, अच्छे बैंक।ग्राहक देवता तुल्य है, इनका अपमान न करे।इन सब स्लोगन बैंकों में देखने को अकसर मिलता है।जब ग्राहकों से सर्विस टैक्स वसूलने की बात आती है तो बैंक तनिक भी देर नहीं लगाते लेकिन जब उपभोक्ताओं को सुविधाएं मुहैया कराने का सवाल उठता है तो बैंकों की लापरवाही आड़े आने लगती है। नतीजतन उपभोक्ता दर दर की ठोकरे खाने पर मजबूर हो जाते है। कुछ ऐसे ही हालात से इन दिनों यूपी के बलिया जनपद रसड़ा तहसील क्षेत्र के नगर वासियों को आये दिन बैंकों में झेलना पड़ रहा है।
आलम यह है कि स्थानीय भारतीय स्टेट बैंक की रसड़ा शाखा में कर्मचारियों के व्यवहार से उपभोक्ता काफी परेशान है ।इस खबर को प्रमुखता से अखण्ड भारत न्यूज़ संवाददाता ने गंभीरता से लिया और भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर से जानकारी लेनी चाहिए मगर स्टेट बैंक के मैनेजर घमंड में चूर संवाददाता ने पूछा आप जिम्मेदार पद पर है,बैंक उपभोक्ताओं को संतुष्ट करना आपका काम है।आप अपनी प्रतिक्रिया तो देने का कष्ट करें किन्तु शाखा प्रबंधक पूरी बात को सुन आम आदमी को ही समझाने लगें और लगे हाथ यहा तक उपभोक्ता से कह डाला कि बलिया जिला घर बा त कवनी बात के डर बा जब प्रदेश व केंद्र की सरकार उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने के लिए बैंक से सम्बंधित तमाम योजनाए चला रही है।भारतीय स्टेट बैंक को श्रेष्ठ बैंकों की श्रेणी में गिना जाता है लेकिन बैंक मैनेजर की लापरवाही एवं उदासीनता से ग्राहकों पर इन दिनों भारी पड़ रही है।
रिपोर्ट- पिन्टू सिंह


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