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लाक डाउन से मध्यम व फुटपाथी दुकानदारों सहित साटा पर आश्रित लोगों की हालत हुई खस्ता



रेवती (बलिया) एक महिने से अधिक समय से चल रही लाक डाउन के चलते मध्यम व फुटपाथी दुकानदारों सहित लगन के साटा पर आश्रित लोगों की हालत खस्ता हो गई । नगर में डीजे , टेन्ट ,जनरेटर व लाईट का शाटा करने वाले सोनू चौहान का अप्रैल से लेकर जून तक का 32 लोगों का साटा लगभग 4 लाख रूपये का समाप्त हो गया । हालत यह हो गई है कि सोनू चौहान को परिवार के भरण पोषण के लिए रेवती बाजार में ठेला पर सब्जी बेचना पड़ रहा हैं ।  पंकज केशरी , कमलेश चौहान आदि दर्जन भर अन्य साटा वालों की यही स्थिति हैं ।  दर्जन चिन्हित दुकानदारों को छोड़कर कमवेश सैकड़ो अन्य परचून , श्रिंगार , रेडीमेड , कपड़ा दुकानदारों की स्थिति भी दयनीय हो गई है। दुकान का किराया व घर का प्रति दिन का तीन चार सौ रूपये भोजन , पानी , सब्जी , दुध का खर्च तो  है ही जो थोक दुकानदार से लाकर रखे सामान ब्रिकी न होने के कारण सामान  फंसा हुआ है । ये लोग भी सब तरह से हताश हो चुके हैं ।  कुछ तो परिवार के भरण पोषण के नाम पर प्रति दिन विवसता में थोड़ी बहुत दुकान खोल कर पुलिस का डंडा व ज्यादती सहने के लिए विवश है । अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद गांधी व युवा व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष संतोष गुप्ता का कहना हैं । सरकार के लाक डाउन का सारे ब्यापारी ईमानदारी पूर्वक निर्वहन कर रहें है । दो दर्जन चिन्हित दुकानदारों को तय सीमा में जो छूट दी गई हैं उसी समयावधि में कुछ अन्य सामान के दुकानदारों को भी सोशल डिन्टेसिंग का पालन सुनिश्चित कराते हुए खोलने की छूट दे दी जाय तो सुबह ग्राहकों का सैलाब उमड़ रहा है । वह अन्य दुकानों की तरफ भी जरूरी सामानों की खरीद के लिए घूम जायेंगा । बाजार में अनावश्यक भीड़ एक जगह न होकर इधर उधर फ़ैल जायेगी । इससे सामाजिक , शारीरिक दूरी के साथ छोटे ब्यवसायी के परिवार का भरण पोषण भी संभव हो जायेगा । ब्यापारी नेता द्वय ने इस संबंध में जिला प्रशासन का ध्यान  आकर्षित  करते हुए ऐतिहातन आवश्यक निर्णय लेने की मांग की है ।



रिपोर्ट : पुनीत केशरी

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