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भारत में बन रही है COVID-19 की वैक्सीन, नाक से डाली जाएगी शरीर के अंदर



नई दिल्ली। दुनिया भर में दहशत बन चुका कोरोना वायरस लाखों की संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। भारत सहित विश्व के वैज्ञानिक महामारी को काबू में करने वाली वाली उस जादूई वैक्सीन की तलाश में लगे हुए हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश अभी किसी भी देश को इसमें सफलता हाथ नहीं लगी है। इसी बीच ऐसी खबर आ रही है कि अब भारत के वैज्ञानिक भी वैश्विक स्तर पर वायरोलॉजिस्ट और वैक्सीन निर्माताओं के एक अंतरराष्ट्रीय सहयोग का हिस्सा बन गया है।

भारत बायोटेक कंपनी बना रही है वैक्सीन
यूनिवर्सिटी आफ विस्कांसिन मैडीसन और वैक्सीन निर्माता कंपनी फ्लूजेन के वायरोलाजिस्ट ने भारत बायोटेक के साथ मिलकर इस वैक्सीन को विकसित करने का परीक्षण कर रहा है। भारत बायोटेक के हैदराबाद मुख्यालय के वैक्सीन निर्माता ने बताया कि कोरोफ्लू एक फ्लू वैक्सीन 'बैकबोन' पर बनाई गई है। इसकी एक बूंद कोरोना वायरस के मरीज की नाक में डाली जा सकती है, यह मनुष्यों के लिए सुरक्षित है।
मानव शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली करेगा मजबूत
भारत बायोटेक द्वारा शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोफ्लू नाम का टीका इस साल के अंत तक मानव पर परीक्षण के लिए तैयार होने की उम्मीद है। कोरोना वायरस और इन्फ्लूएंजा द्वारा संक्रमण के प्राकृतिक मार्ग की नकल करने के लिए कोरोफ्लू वैक्सीन को आंतरिक रूप से वितरित किया जाएगा जो मानव शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली के कई तरीकों को सक्रिय करेगा।
दुनिया में भी सप्लाई की जाएगी वैक्सीन
भारत बायोटेक में बिजनेस डेवलपमेंट के प्रमुख डॉ, रैक्स एला ने कहा, 'भारत बायोटेक वैक्सीन का निर्माण करेगा और उसका मनुष्यों पर ​​परीक्षण करेगा। इसके अलावा दुनिया में वैक्सीन के वितरण के लिए इसकी लगभग 300 मिलियन खुराक का उत्पादन करने की तैयारी भी शुरू कर दी जाएगी। सहयोग समझौते के तहत फ्लुएंन अपनी मौजूदा निर्माण प्रक्रियाओं को भारत बायोटेक को हस्तांतरित करेगा ताकि कंपनी को उत्पादन में वृद्धि करने और ​​परीक्षणों के लिए वैक्सीन का उत्पादन करने में सक्षम बनाया जा सके।'



डेस्क


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