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स्वास्थ्य विभाग किसी बडी घटनाओं का कर रहा इंतजार

 


रसड़ा (बलिया) : एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार सबका साथ सबका विकास के तहत दवाओं पर पानी की तरह पैसा बहा रही है दूसरी तरफ चट्टी चौराहों  पर झोलाछाप डाक्टर आला लेकर खड़ा है । काेई दवा तो कोई इंजेक्शन देने काे आतुर  है. 

 क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों  में झोलाछाप डॉक्टरों  कुकुरमुत्ता की तरह भरमार है.  झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे  मरीज चाहे उल्टी, दस्त, खांसी, बुखार से पीड़ित हो या फिर अन्य कोई बीमारी से. सभी बीमारियों का इलाज यह झोलाछाप डॉक्टर करने को तैयार  हैं. मरीज की हालत बिगड़ती है तो उसे आनन-फानन में अन्यत्र रेफर कर दिया जाता है.

 झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा बिना पंजीयन के एलोपैथी चिकित्सा व्यवसाय ही नहीं किया जा रहा  बल्कि बिना ड्रग लाइसेंस के दवाओं का भंडार व विक्रय भी अवैध रूप से किया जा रहा है. दुकानों के भीतर कार्टून में दवाओं का अवैध तरीके से भंडार रहता है. इन दिनों मौसमी बीमारियों का कहर झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें मरीजों से पट्टी पड़ी हैं. मौसम बदलने से उल्टी, दस्त, बुखार जैसी बीमारियां ज्यादा पनप रही हैं.झोलाछाप डॉक्टर बीमारियों का फायदा उठाकर मरीजों को दोनों हाथों से लूट रहे हैं.

झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज से आए दिन कोई न कोई मरीज मौत के मुंह में जा रहा है. बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग उन पर अंकुश लगाने में नाकाम  विभाग के पास ऐसे डॉक्टरों की  संख्या तक नहीं है. ऐसे में कार्रवाई तो दूर, उनकी पहचान करने में ही काफी वक्त लग सकता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि झोलाछाप डॉक्टरों की संख्या घटने के बजाए  दिनोंदिन बढ़ रही है.

आपकाे बताते चलें कि जनपद के सभी  तहसीलो क्षेत्रों में झोलाछाप डाॅक्टरों का मकड़जाल फैला हुआ है, बानगी के तौर पर रसड़ा तहसील क्षेत्र में अवैध निजी क्लीनिक संचालित हो रहे हैं. बिना रजिस्ट्रेशन के पैथॉलाजी और मेडिकल स्टोर्स भी संचालित है. इन क्लीनिकों में मौसमी बिमारियों के इलाज से लेकर बाकायदा डिलीवरी कराने का धधा फल फूल रहा  है.

आलम यह है कि ऐसे क्लीनिकाें में डिलीवरी भी कराई जा रही है, जबकि न तो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं न दक्ष नर्सिंग स्टाफ. बिना डिग्री के ये डॉक्टर विभिन्न गंभीर बीमारियों का इलाज तक कर रहे हैं मरीजों से मोटी रकम वसूल रहे हैं. खास बात यह है कि गोरखधंधा प्रशासन की नाक के नीचे खुले आम हो रहा है देखना है हुजूर को कब समय मिलता है या किसी बडी घटना का इंतजार है।

हालांकि इस पूरी खबर पर अधीक्षक पीसी भारती से उनका पक्ष जानकारी करना चाहा मगर उन्होंने बतलाया कि हम अभी नये नये चार्ज लिया हूँ अभी तक रसड़ा तहसील क्षेत्र में कहीं जाच नहीं किया हूं ना ही वैध अवैध नर्सिंग होम कि जानकारी हैं।

रिपोर्ट  पिन्टू सिंह

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