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अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरा कहा हुआ आयोजन



गड़वार(बलिया):कस्बा के रामलीला मंच पर मंगलवार की रात में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।इसमें कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति से लोगों को विभिन्न रसों में गोता लगवाया।इसके पूर्व डॉ. ओमपाल सिंह'निडर'ने दीप प्रज्वलित कर  शुरुआत किया।गोरखपुर की कवियत्री डॉ.सत्यम बदा सत्यम ने अपनी रचना "सीता सी है बहु जो ढूंढने चले हैं आप,बेटे में भी राम जैसा चरित्र होना चाहिए"सबको भाव विभोर कर दिया।कवि नंदजी नंदा ने "करोना ह ककवा,करोना बा आइल"के द्वारा सबको खूब गुदगुदाया।फिरोजाबाद के कवि डॉ. ओमपाल सिंह'निडर'ने 'उठो साथियों निज धाम बिक न जाए'रचना सुनाकर सबको देशभक्ति में भिगोया।वहीं बलिया के कवि बृजमोहन प्रसाद'अनाड़ी,कवि बब्बन सिंह'बेबस ने 'हमरा के ले अईह साड़ी केसरिया",गाजीपुर के कवि विनय रॉय बहुरंग ने "जब से नशा धराइल बावन धुर हो गइल",गाजीपुर से पधारे मिथिलेश गहमरी ने, व बलरामपुर से आये कवि अवधेश प्रताप सिंह ने अपनी रचना सुनाया।आगरा के कवि कुँवर प्रताप प्रांजल ने "हुस्न का तीर चल जाए तो क्या करें 'की रचना प्रस्तुत की।बलिया के कवियों अभिषेक सिंह ,कवि रिजवान ,कवि गयाशंकर प्रेमी तथा मुकेश चंचल,व डॉ. फतेह चंद'बेचैन',कवि विजय विश्वास ने  अपनी रचनाओं को सुनाकर सबको मुग्ध कर दिया।संचालन मिथिलेश गहमरी(गाजीपुर)ने अध्यक्षता विनय रॉय बहुरंग व सभी आगन्तुकों का आभार प्रकट सम्मेलन के आयोजक बब्बन सिंह बेबस ने किया।इस अवसर पर आयोजक बब्बन सिंह'बेबस ने सभी आगन्तुक कवियों को माल्यर्पण कर अंगवस्त्रम से सम्मानित किया।विशेष सहयोगी के रूप में इस अवसर पर शाहनवाज खान(अध्यापक),गुलाब चन्द्र बागी,हसनैन अंसारी,धनु ठाकुर,नेसार अंसारी आदि रहे।


रिपोर्ट-पीयूष श्रीवास्तव

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