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राष्ट्रीय बाल विज्ञान कॉंग्रेस' का पहला पडाव पार कर, सनबीम स्कूल बलिया के होनहार अब देशभर के वैज्ञानिकों से लोहा लेने को तैयार





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 बलिया सनबीम स्कूल बलिया के लिए यह अविस्मरणीय क्षण है जब राज्यस्तरीय मुकाबले के लिए चयनित तीनो ही छात्रों ने प्रतियोगिता के भीषण घमासान को पार करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता के लिए अपनी मजबूत दावेदारी सुनिश्चित कर ली है।

'राष्ट्रीय बाल विज्ञान कॉंग्रेस' ( NCSC ) नए भारत के लिए राष्ट्रीय विज्ञान प्रतिभा खोज कार्यक्रम है जिसका आयोजन विज्ञान भारती, विज्ञान प्रसार भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी  विभाग के अंतर्गत एक स्वायत संस्था तथा NCERT शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जाता है I NCSC कार्यक्रम का आयोजन कक्षा 10 से 17 साल तक के स्कूली छात्रों में विज्ञान व तकनीक को लोकप्रिय बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संचालित कराया जाता है। NCSC का उद्देश्य बाल वैज्ञानिकों में व्यवहारिक ज्ञान पर आधारित अन्वेषण, नवाचार और विज्ञान की विधियों के द्वारा खुद करके सीखने को प्रोत्साहित करना है l बाल विज्ञान कॉंग्रेस एक ऐसा मंच है जो बाल वैज्ञानिकों को वास्तविकता का एहसास दिलाने, नए मानदण्डों को अपनाने तथा सभी ऐहतियात का पालन करते हुए उन्हें अपने परियोजना कार्य को अंजाम तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करता है l यह देश के 2.5 लाख से अधिक बच्चों को आकर्षित करता है l 

देश में बाल विज्ञानियों को निखारने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार पारिषद द्वारा आयोजित देश का सबसे बड़ा विज्ञान टैलेंट सर्च एग्जाम 2021 - 22 के लिए भी "सतत जीवन हेतु विज्ञान" को शोध का मुख्य विषय रखा गया है l इस बार न्यू इंडिया के अंतर्गत डिजिटल आयोजित किया गया l  प्रथम स्तर की परीक्षा पास कर सनबीम स्कूल बलिया के तीन छात्रों- लाइबा अली, उत्कर्ष पांडेय और अनुपम मिश्रा और बलिया के ही स्वामी सहजानन्द इंटर कॉलेज, गोविंद पुर से आयुषी राय, सभी  चारों बाल वैज्ञानिकों ने राज्य स्तर पर मौखिक प्रजेंटेशन जो 19 दिसंबर को ऑनलाइन होगा उसके लिए चयनित किया गया है,हम सभी के लिए यह गर्व की बात है,क्योंकि शायद ही किसी जिले के सभी 04 बाल वैज्ञानिकों ने ओरल प्रजेंटेशन के लिए चयनित हो।

राष्ट्रीय फलक पर चयनित होने की दावेदारी का आगाज कर इन छात्रों ने अपने विद्यालय को ही नहीं अपितु अपने जिले को भी आश्चर्यचकित कर दिया है l

सनबीम स्कूल बलिया के  निदेशक डॉ कुँवर अरुण सिंह ने छात्रों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तव में यह सनबीम स्कूल बलिया के लिए ऐतिहासिक क्षण है जब उसके छात्र एक बार फिर जीत के आगाज के साथ देश भर के बाल विज्ञानियों से मुकाबला करने के लिए पूरे जोश के साथ अडिग है। हम आशा करते हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर इनका चयन बाकी छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित हों। 


विद्यालय के निदेशक डॉ कुँवर अरुण सिंह  ने साथ ही यह भी कहा कि इस सराहना के उतने ही हकदार हमारे शिक्षक भी हैं l क्योंकि  "जिस प्रकार शिल्पकार अपने मेहनत से गढ़कर पत्थर को प्रतिमा का स्वरूप प्रदान करता है उसी प्रकार एक शिक्षक भी अपने प्रयासों से  विद्यार्थियों में छुपी प्रतिभा को  पहचानता है और उसे गढ़कर बाहर निकालता है।  सनबीम स्कूल के शिक्षक, विद्यार्थियों के कौशलों को निखारने में हमेशा तत्पर रहते हैं और आगे भी विद्यालय परिवार सदैव प्रयासरत रहेगा। क्योंकि 'एक विघालय का नाम उसके अच्छे संसाधन से नहीं बल्कि बेहतरीन व्यक्तित्व वाले शिक्षकों से होता है।।,

विद्यालय के अध्यक्ष श्री संजय कुमार पांडेय, सचिव श्री अरूण कुमार सिंह ने छात्रों, उनके परिजनों एवं शिक्षकों को बधाई दी। प्रधानाध्यापिका श्रीमती सीमा ने छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उनके मेंटर्स का आभार व्यक्त किया।

हेड मिस्ट्रेस ज्योत्सना तिवारी अपने छात्रों की सफलता पर हर्ष जताया। 

प्रशासक एस. के. चतुर्वेदी ने बताया कि बच्चों की वैज्ञानिक प्रतिभा निखारने में परीक्षा इंचार्ज पंकज सिंह, विज्ञान शिक्षकगण अनूप सिंह, अनुराग सिंह, प्रदीप कुमार, पीके यादव, श्वेता श्रीवास्तव, नीरज सिंह, विश्वनाथ, प्रभात कुमार, जयप्रकाश यादव व विनीत दुबे आदि का योगदान सराहनीय रहा।


रिपोर्ट -त्रयंबक नारायण देव गांधी

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