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कायाकल्प तमाम लेकिन बिजली का नही है कोई इंतजाम : आज तक नहीं पहुंच सकी विद्यालय में बिजली


 



रतसर (बलिया):परिषदीय विद्यालयों में 19 मानकों को आपरेशन कायाकल्प से पूरा करना है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण विद्यालयों में बिजली की सप्लाई सुनिश्चित करना है। सरकार परिषदीय विद्यालयों पर करोड़ो रुपए हर साल खर्च कर बड़े- बडे दावे करती है।बावजूद इसके क्षेत्र में कई परिषदीय विद्यालय ऐसे है जहां आज तक बिजली नही पहुंच सकी। ऐसा ही शिक्षा क्षेत्र गड़वार में कम्पोजिट विद्यालय जनऊपुर है जहां आज तक बिजली कनेक्शन नही होने के चलते बच्चों को पढ़ाई में परेशानी हो रही है। यह विद्यालय आजादी के पूर्व से ही संचालित है। लेकिन आज तक बिजली का कनेक्शन नही हो पाया। विद्यालय में कायाकल्प भी जरूरत के अनुसार नही हो सका है। सबमर्सिबल,बिजली की वायरिंग सहित सभी उपकरण लगा दिए गए है पर बिजली का कनेक्शन न होने के कारण यहां बिजली से चलने वाले सभी उपकरण शोपीस बनकर रह गए है। हर साल गर्मी में नौनिहालों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है वहीं पानी की सुविधा न होने से बच्चे प्रसाधन भवन का इस्तेमाल भी नही कर पा रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में बिजली कनेक्शन नही है बच्चे पसीने से तरबतर हो कर पढ़ाई करने को मजबूर रहते है जनऊपुर निवासी बब्बन पाण्डेय,श्याम नारायन गुप्ता,करीमन राम,बीरेन्द्र गोंड ने बताया कि विद्यालय के टीचर घर पर आते है कि बच्चों का दाखिला विद्यालय में कराइए पर विद्यालय में बिजली नही है इसलिए बच्चों का दाखिला कैसे कराएं। बच्चे गर्मी में कैसे पढ़ाई करेगें। प्रभारी प्रधानाध्यापक सत्य नारायण राम ने बताया कि बिजली कनेक्शन के लिए विभागीय,बिजली विभाग एवं ग्राम प्रधान से कई बार लिखित एवं मौखिक सूचना दिया है बावजूद आज तक कनेक्शन नही हो पाया। उन्होंने बताया कि जब-जब चुनाव आता है तो बूथ पर केबिल से बिजली विभाग आकर 24 घंटे के लिए अस्थायी बिजली की व्यवस्था करा देता है। खण्ड शिक्षा अधिकारी पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में है जिले के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। पावर कारपोरेशन के अधिकारियों से बातकर जल्द ही समस्या का निराकरण कराया जाएगा। बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा नही होने दी जाएगी।

रिपोर्ट : धनेश पाण्डेय

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