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हिंदी हमारी संस्कृति की नींव है : इं०गणेश पाण्डेय

 




रतसर, बलिया : जनऊबाबा साहित्यिक संस्था निर्झर एवं परशुराम युवा मंच के संयुक्त तत्वाधान में हिन्दी को सशक्त बनाने के लिए बुद्धवार को एक विचार गोष्ठी का आयोजन हनुमत सेवा ट्रस्ट जनऊपुर के परिसर में किया गया। सर्व प्रथम मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर विचार गोष्ठी की शुरूआत हुई। विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इं०श्री गणेश पाण्डेय ने बताया कि हिंदी भाषा हमारी संस्कृति की नींव है। हिन्दी दिवस का मुख्य उद्देश्य वर्ष में एक दिन इस बात से लोगों को रूबरू कराना है कि जब तक वे हिन्दी का उपयोग पूरी तरह से नहीं करेंगे तब तक हिन्दी भाषा का विकास नही हो सकता। डायट के पूर्व प्रवक्ता दिवाकर पाण्डेय ने कहा कि हिंदी भाषा के प्रति हमारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी यह है कि हिंदी को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोगों को जोड़ने का सशक्त माध्यम बनाया जाये। जिससे अंग्रेजी की तरफ दौड़ता हुआ समाज हिंदी के प्रभाव और महत्व को जानकर हिन्दी से जुड़े और हिन्दी भाषी होने पर गौरवान्वित होने का एहसास करें। शिक्षक एवं पूर्व प्रधान प्रेमनारायन पाण्डेय ने हिन्दी भाषा की महत्ता के बारे में बताते हुए कहा कि कई लोग अपने सामान्य बोलचाल में भी अंग्रेजी भाषा के शब्दों का या अंग्रेजी का उपयोग करते है जिससे धीरे-धीरे हिन्दी के अस्तित्व को खतरा पहुंच रहा है। कुछ लोग हिंदी जानते हुए भी इंग्लिस में बोलते है लेकिन हिंदी में बोलना कोई हीनता नहीं है बल्कि एक गर्व का विषय है। इस अवसर पर हृदयानन्द पाण्डेय,सक्षम पाण्डेय,शिव प्रसाद,बब्बन पाण्डेय आदि ने अपने- अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा०परमहंस पाण्डेय एवं संचालन छात्रनेता आशीष मिश्रा ने किया।



रिपोर्ट : धनेश पाण्डेय

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