जानें अपना राशिफल, इन राशि वालों के लिए आज का दिन रहेगा विशेष
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक - 10 सितम्बर 2026*
*⛅दिन - गुरुवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2083*
*⛅अयन - दक्षिणायण*
*⛅ऋतु - शरद*
*⛅मास - भाद्रपद*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - चतुर्दशी सुबह 10:33 तक तत्पश्चात् अमावस्या*
*⛅नक्षत्र - मघा दोपहर 02:04 तक तत्पश्चात् पूर्वाफाल्गुनी*
*⛅योग - सिद्ध शाम 07:17 तक तत्पश्चात् साध्य*
*⛅राहुकाल - दोपहर 01:57 से दोपहर 03:30 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 06:12*
*⛅सूर्यास्त - 06:36 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:39 से प्रातः 05:25 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:59 से दोपहर 12:49 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:01 से मध्यरात्रि 12:47 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण - दर्श अमावस्या, पिठोरी अमावस्या, दैव सावर्णि मन्वादि*
*🌥️विशेष - चतुर्दशी, अमावस्या और व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🔹लक्ष्मीप्राप्ति व घर में सुख-शांति हेतु🔹*
*🔸 ‘परमात्मा मेरे आत्मा हैं । ॐ आनंद, ॐ शांति, ॐ माधुर्य... ।’ घर में अन्न की कमी हो तो ऐसा चिंतन करके जौ का ध्यान करें, अन्न की कमी सदा के लिए मिट जायेगी । - पूज्य बापूजी*
*🔸घर में टूटी-फूटी अथवा अग्नि से जली हुई प्रतिमा की पूजा नहीं करनी चाहिए । ऐसी मूर्ति की पूजा करने से गृहस्वामी के मन में उद्वेग या अनिष्ट होता है । (वराह पुराण :१८६.३७)*
*📖 ऋषि प्रसाद – नवम्बर २०१८*
*🔹जीवन में उपयोगी नियम 🔹*
*🔸1. जहाँ रहते हो उस स्थान को तथा आस-पास की जगह को साफ रखो ।*
*🔸2. हाथ पैर के नाखून बढ़ने पर काटते रहो । नख बढ़े हुए एवं मैल भरे हुए मत रखो ।*
*🔸3. अपने कल्याण के इच्छुक व्यक्ति को बुधवार व शुक्रवार के अतिरिक्त अन्य दिनों में बाल नहीं कटवाना चाहिए ।*
*🔸4. सोमवार, बुधवार और शनिवार शरीर में तेल लगाने हेतु उत्तम दिन हैं । यदि तुम्हें ग्रहों के अनिष्टकर प्रभाव से बचना है तो इन्हीं दिनों में तेल लगाना चाहिए ।*
*🔸5. शरीर में तेल लगाते समय पहले नाभि एवं हाथ-पैर की उँगलियों के नखों में भली प्रकार तेल लगा देना चाहिए ।*
*🔸6. पैरों को यथासंभव खुला रखो । प्रातःकाल कुछ समय तक हरी घास पर नंगे पैर टहलो । गर्मियों में मोजे आदि से पैरों को मत ढँको ।*
*🔸7. ऊँची एड़ी के या तंग पंजों के जूते स्वास्थ्य को हानि पहुँचाते हैं ।*
*🔸8. पाउडर, स्नो आदि त्वचा के स्वाभाविक सौंदर्य को नष्ट करके उसे रूखा एवं कुरूप बना देते हैं ।*
*🔸9. बहुत कसे हुए एवं नायलोन आदि कृत्रिम तंतुओं से बने हुए कपड़े एवं चटकीले भड़कीले गहरे रंग से कपड़े तन-मन के स्वास्थ्य के हानिकारक होते हैं । तंग कपड़ों से रोमकूपों को शुद्ध हवा नहीं मिल पाती तथा रक्त-संचरण में भी बाधा पड़ती है। बैल्ट से कमर को ज़्यादा कसने से पेट में गैस बनने लगती है । ढीले-ढाले सूती वस्त्र स्वास्थ्य के लिए अति उत्तम होते हैं ।*
*🔸10. कहीं से चलकर आने पर तुरंत जल मत पियो, हाथ पैर मत धोओ और न ही स्नान करो । इससे बड़ी हानि होती है । पसीना सूख जाने दो । कम-से-कम 15 मिनट विश्राम कर लो । फिर हाथ-पैर धोकर, कुल्ला करके पानी पीयो । तेज गर्मी में थोड़ा गुड़ या मिश्री खाकर पानी पीयो ताकि लू न लग सके

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