विधिक साक्षरता शिविर में ग्रामीणों को दी गई कानूनी जानकारी
बलिया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया श्री अनिल कुमार झा के आदेशानुसार सोमवार को पंचायत भवन परिवा में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के सचिव श्री चन्द्र प्रकाश तिवारी के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पैरालीगल वालंटियर्स श्री बब्बन सिंह एवं श्रीमती पार्वती वर्मा ने उपस्थित ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी सेवाओं एवं योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 01 अगस्त 2026 से 30 दिसंबर 2026 तक राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान-3.0 चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य मध्यस्थता यानी सुलह-समझौते के माध्यम से न्यायालयों में लंबित मामलों का अधिकाधिक संख्या में निस्तारण करना है। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने अथवा परिचितों के विवादों को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर मीडिएशन सेंटर, बलिया में निस्तारित कराएं और सस्ती, सुलभ एवं प्रभावी न्यायिक प्रक्रिया का लाभ उठाएं। शिविर में 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर सरल, त्वरित एवं प्रभावी ढंग से निस्तारण कराया जा सकता है। लोक अदालत विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस दौरान समाज के अंतिम पायदान पर रहने वाले लोगों तक विधिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नालसा की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि जरूरतमंद व्यक्ति इस हेल्पलाइन के माध्यम से घर बैठे विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्हें विधिक अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी सहायता के संबंध में जागरूक किया गया।
रीपोर्ट त्र्यंबक पांडे गांधी


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