जानें अपना राशिफल
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक - 24 अक्टूबर 2026*
*⛅दिन - शनिवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2083*
*⛅अयन - दक्षिणायण*
*⛅ऋतु - हेमंत*
*⛅मास - आश्विन*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - त्रयोदशी दोपहर 01:36 तक तत्पश्चात् चतुर्दशी*
*⛅नक्षत्र - उत्तरभाद्रपद रात्रि 08:32 तक तत्पश्चात् रेवती*
*⛅योग - व्याघात रात्रि 08:01 तक तत्पश्चात् हर्षण*
*⛅राहुकाल - सुबह 09:19 से सुबह 10:45 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 06:28*
*⛅सूर्यास्त - 05:54 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:47 से प्रातः 05:38 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:48 से दोपहर 12:34 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:46 से मध्यरात्रि 12:36 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है एवं चतुर्दशी के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*शरद पूर्णिमा विशेष*
चावल, दूध और मिश्री की खीर बनायें । खीर बनाते समय उसमें कुछ समय के लिए थोड़ा सोना या चाँदी मिला दें । खीर को कम से कम 2 घंटे के लिए चन्द्रमा के प्रकाश में रख दें । उस दिन के लिए कोई अन्य भोजन नहीं पकाएं, केवल खीर खाएं । हमें देर रात को भारी आहार नहीं लेना चाहिए इसलिए तदनुसार खीर खाएं । शरद पूनम की रात में रखी गयी खीर को पूज्य गुरुदेव को भोग लगाने के बाद अगले दिन प्रसाद रूप में नाश्ते में भी ले सकते है ।
नेत्र सुरक्षा के लिए शरद पूर्णिमा का प्रयोग
वर्षभर आंखें स्वस्थ रहे, इसके लिए शरद पूनम की रात को चन्द्रमा की चांदनी में एक सुई में धागा पिरोने का प्रयास करें । कोई अन्य प्रकाश नहीं होना चाहिए ।
शरद पूर्णिमा पर अध्यात्मिक उन्नति
शरद पूनम रात आध्यात्मिक उत्थान के लिए बहुत फायदेमंद है । इसलिए सबको इस रात को जागरण करना चाहिए अर्थात जहाँ तक संभव हो सोना नही चाहिए और इस पवित्र रात्रि में जप, ध्यान, कीर्तन करना चाहिए ।


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