अर्नब तूफान का असर: किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, खेतों में बिछी धान की पकी फसल
29 अक्टूबर को बारिश से खेत जलमग्न, 30 अक्टूबर को हवा चलने से जमीन पर गिरी धान की फसल।
मनियर बलिया।तूफान के असर से किसानों के पक्की धान की फसल का काफी नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश और हवा के चलते कई क्षेत्रों में धान की फसल प्रभावित हुई है। खेतों में पानी भरने और पककर तैयार धान की फसल जमीन पर गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
29 अक्टूबर को तूफान का असर कम रहा। हवा नहीं चलने के कारण बूंदाबांदी होती रही, लेकिन खेतों में पानी भरने से फसल प्रभावित हुई। वहीं, 30 अक्टूबर को बारिश अपेक्षाकृत कम हुई, लेकिन हवा चलने से पकी हुई धान की फसल खेतों में गिर गई। इससे किसानों को कटाई और फसल समेटने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।किसानों के लिए यह नुकसान दोहरी मार जैसा है। एक ओर खेतों में जलभराव है, तो दूसरी ओर जमीन पर गिरी फसल के दाने खराब होने और उपज प्रभावित होने की आशंका है। किसानों को अब मौसम साफ होने और खेतों से पानी निकलने का इंतजार है। प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए नुकसान का आकलन किया जाना जरूरी है
रिपोर्ट - मनु तिवारी




No comments