जानें क्यों लगता है सूर्य ग्रहण
गर्भवती महिलाए इस ग्रहण से दूर रहें
रसड़ा (बलिया) । कल यानी गुरुवार दिनाक 26 दिसंबर 2019 को साल इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा।जानकारी के अनुसार इस बार ग्रहण भारत में दिखाई देगा और सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य आग से भरी अंगूठी की तरह नजर आएगा। इसे वैज्ञानिकों की भाषा में वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है। आपको बताते चलें कि सूर्य ग्रहण से पहले सूतक काल शुरू हो जाता है।
सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले यानी 25 दिसंबर 2019 को शाम 5 बजकर 32 मिनट से लगेगा और ग्रहण खत्म होने पर समाप्त होगा। सूतक काल को किसी शुभ कार्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। बताया जा रहा है कि आंशिक सूर्य ग्रहण सुबह 8 बजकर 4 मिनट से शुरू होगा और सूर्य ग्रहण सुबह 9 ,बजकर 24 मिनट से चंद्रमा सूर्य के किनारे को ढकना शुरू कर देगा। इसके बाद सुबह 9.26 तक पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। 11.5 तक यह सूर्य ग्रहण समाप्त हो जाएगा यानी कुल मिलाकर 3.12 मिनट का यह सूर्य ग्रहण होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण के बाद पवित्र जल से स्नान करने और पंडितों को दान करने की पुरानी परंपरा है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी होती है।
सूर्य ग्रहण का राशियों पर असर
सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का 12 राशियों मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, वृश्चिक, तुला, धनु, मकर, कुंभ और मीन पर अच्छा या बुरा प्रभाव पड़ता है। इस बार भी सूर्य ग्रहण लगने से इन राशियों पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
क्यों लगता है सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है। चंद्रमा जब पृथ्वी का चक्कर लगाते समय सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और तीनों एक सीध में आ जाते हैं तो सूर्य की किरणें पृथ्वी तक नहीं पहुंचती हैं, इसे ही सूर्य ग्रहण कहा जाता है। यह आंशिक और पूर्ण दो तरह का होता है।
रिपोर्ट : पिन्टू सिंह


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