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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की तस्वीर लगा विज्ञापन छपा तो हुआ एफआईआर


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में प्रॉपर्टी डीलिंग का विज्ञापन छपने के बाद कांग्रेस और भाजपा में सियासी जंग शुरू हो गई है। अमेठी से सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के पीआरओ विजय गुप्ता की शिकायत पर अमेठी पुलिस अधिक्षक ने जगदीशपुर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही पूरे मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। दरअसल, पीआरओ विजय गुप्ता ने विज्ञापन के माध्यम से स्मृति ईरानी की छवि खराब करने का आरोप लगाया है।
एसपी ख्याति गर्ग ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले जगदीशपुर के साई ग्रीन सिटी से जुड़े प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा दिए गए विज्ञापन में सांसद स्मृति ईरानी, राज्यमंत्री सुरेश पासी और भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी की फोटो लगाई गई। साथ ही लोगों से प्लॉट खरीदने की अपील की गई है। एसपी ने बताया कि अमेठी सांसद के प्रतिनिधि विजय गुप्ता की शिकायत के बाद हमने अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया और कई लोगों से पूछताछ चल रही है।

दरअसल, संसदीय क्षेत्र अमेठी में रियल स्टेट कंपनी ने अखबार में विज्ञापन दिया था इसी विज्ञापन की तस्वीर के साथ केंद्रीय मंत्री और अमेठी सांसद स्मृति ईरानी की तस्वीर लगाई थी और अमेठी में बकायदा विज्ञापन देकर प्लाट खरीदने की अपील गई है। इस कंटिग के बाद अमेठी में घमासान शुरू हो गया। कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य एवं गांधी परिवार के निकटतम दीपक सिंह ने ट्वीट कर अखबार में छपे विज्ञापन की कटिंग लगाई। इसके बाद लिखा कि 'एक जना देश बेचने का काम कर रहे हैं, और अभी स्मृति ईरानी को चुनाव जीते साल भर भी नहीं हुआ, अमेठी में बकायदा विज्ञापन देकर प्लाट बेंचने लगी। बाकी बिक्रियों का बदला तो जनता लेगी लेकिन मैडम ईरानी हम अमेठी वासी अब अमेठी नहीं बिकने देंगे।'

एसपी ने बताया कि इस पूरे मामले पर प्रथम दृष्टया साईं ग्रीन सिटी के एमडी वीरेन्द्र द्विवेदी, उनके पार्टनर सोनू यज्ञ सैनी, वहां के प्रधान अभय प्रताप सिंह के अलावा, क्षेत्रीय स्तर पर पत्रकार, जिन्होंने इस पूरे विज्ञापन को डिजाइन किया और पब्लिश करवाया के खिलाफ जांच चल रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट की भी जांच चल रही है। एसपी ने बताया कि सभी से गहनता से पूछताछ की जा रही है। एसपी ने बताया कि किसी भी पब्लिक या प्राइवेट फिगर को उसके बिना पूर्व अनुमति, उसकी बिना सहमति के उसके नाम पदनाम या फोटो को किसी भी विज्ञापन में पब्लिश करना गैरकानूनी है।

डेस्क

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