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'स्पर्श' के तहत कुष्ठ के समाधान को सुझाये उपाय


रतसर (बलिया)। स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के क्रम में बृहस्पतिवार को प्राथमिक स्वा० केन्द्र रतसर में स्क्रीनिंग के तहत बैठक का आयोजन किया गया। जिला कुष्ठ परामर्शदाता डा० आर.एन.सिंह ने क्षेत्र से आए हुए मरीजों को कुष्ठ रोग के बारे में विधिवत जानकारी दी। उन्होनें बताया कि कुष्ठ रोग माइक्रो बैक्टीरीयम लेप्री नामक जीवाणु से होता है। जो केवल मनुष्य में ही होने वाला रोग है। धनेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि शरीर पर किसी भी जगह हल्का पीले और हल्का लाल रंग दाग धब्बा चकत्ता जो सुन्न हो, कुष्ठ रोग हो सकता है। जो इलाज से पूरी तरह ठीक हो सकता है। 

एस.एन.त्रिपाठी ने रोग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कुष्ठ रोग का सही समय पर इलाज न होने की दशा में विकलांगता आ जाती है। कुष्ठ रोग के जीवाणु तंत्रिका तन्त्र को भी प्रभावित करते है। जिससे हाथ -पैर सुन्न हो जाते है और कमजोर हो जाते है। आंख, कान और नाक पर भी प्रभाव डालते है। कुष्ठ रोगी की नाक चपटी हो जाती है। पर्यवेक्षक सोमेश राय ने बताया कि प्रारंभिक इलाज करने से कुष्ठ रोग से प्रभावित होने वाले अंगो को बचाया जा सकता है। विक्रमा यादव, शशिकान्त शर्मा, अरुण कुमार शर्मा, आशुतोष सिंह, अनिल कुमार, हरि किशुन सिंह सहित सभी कर्मचारी मौजूद रहे।


रिपोर्ट— धनेश पांडेय

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