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ग्रामीणों ने की शासन से राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खुलवाने की मांग



रतसर(बलिया) विकास खण्ड गड़वार के न्याय पंचायत जनऊपुर के आसपास के दर्जनभर से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने क्षेत्र में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खुलवाने की मांग की शासन प्रशासन से की है। इनकी शिकायत है कि क्षेत्र में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा ना होने से बुजुर्ग, दिव्यांग, विधवा पेंशन सहित अन्य बैकिंग कार्य के लिए ग्रामीणों को छः से 15 किमी की दूरी तय कर रतसर, गड़वार, सुखपुरा व जिला मुख्यालय  जाना पड़ता है। अधिकतर ग्रामीणों ने प्रधानमन्त्री की डिजिटल इन्डिया के तहत  जनधन योजना का खाता तो खुलवा लिया लेकिन बैंक की शाखा दूर होने के कारण बहुतेरे लोगों का खाता संचालन न होने के कारण बन्द हो गया है। इस न्याय पंचायत से सटे नूरपुर, तपनी, जगदेवपुर,अरईपुर, मसहां, सिकटौटी, एकडेरवा, बाराबांध, निहालपुर, चाफी, पड़वार बदनपुरा, सहित दर्जनों गांव के बाशिंदो ने जनऊपुर में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने की मांग शासन से की है। जिससे उन्हे किसान सम्मान निधि, प्रधानमन्त्री आवास योजना, छात्रवृत्ति, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण, मनरेगा, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सब्सिडी, बृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन तथा महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली धनराशि आदि के लिए उन्हें कहीं भटकना ना पड़े।इस संबंध में
जनऊपुर निवासी  95 वर्षीय बुजुर्ग शिक्षक श्रीकान्त पाण्डेय ने बताया कि पैर में फ्रैक्चर होने के कारण पेंशन के लिए हर माह आठ किमी दूरी तय कर बैंक तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
गांव की ही महिला शिखा पाण्डेय ने बताया कि पीएमजेएसवाई के तहत जननी सुरक्षा योजना का खाता आठ किमी दूर खुलवाया गया जिसके कारण कन्या सुमंगलम योजना आदि के लिए बार-बार बैंक की शाखा जाना मुश्किल है।
इण्टर में पढने वाली छात्रा समीक्षा ने बताया कि आठ किमी दूर गांव से बैंक शाखा है जिसमें मैने छात्रवृति के लिए खाता खुलवाया है। बैंक की शाखा दूर होने के कारण बिना अभिभावक के बैंक नही जा पाते ।
बुजुर्ग किसान सिद्धनाथ पाण्डेय ने कहा कि मामूली लेनदेन के लिए भी आठ किमी.दूर बैंक की शाखा में जाने पर पूरे दिन का समय जाया हो जाता है। वर्षों से क्षेत्र में बैंक शाखा खोलने की मांग की जा रही है लेकिन अबतक इस तरफ सरकार ने ध्यान नही दिया है।



रिपोर्ट : धनेश पांडेय

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