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विधायक पुत्र की गिरफ्तारी पर अड़े राज्य कर्मचारी,धरना बदस्तूर



बलिया। बैरिया विधायक के पुत्र की गिरफ्तारी को लेकर शुक्रवार को सभी तहसील कार्यालयों एवं जिलाधिकारी कार्यालय बंद कर राजस्व कर्मियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पर दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। धरना प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी ने धरनारत कर्मियों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया। जिसमें उन्होंने कार्यवाही के लिए पंद्रह दिन का समय देने की मांग की। मगर उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि हमारी मांगे ऐसी नहीं है। जिसके लिए प्रशासन को पंद्रह दिन का समय लेना चाहिए। विधायक पुत्र की गिरफ्तारी, थानाध्यक्ष बैरिया का स्थानान्तरण करने और रजिस्ट्रार कानूनगो राधेश्याम के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमें वापस करने से कम पर हम सभी पीछे हटने वाले नहीं हैं। धरनारत कर्मियों ने आंदोलन की अगली रणनीति तय करने के लिए जिले के संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर लिया जाएगा और शनिवार को पुन: यथावत धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। धरना में लालबाबू यादव, अक्षेबरनाथ पाण्डेय, कौशल कुमार उपाध्याय, वेद प्रकाश पाण्डेय, अजय कुमार यादव, सुशील कुमार त्रिपाठी, रामाशंकर शर्मा, राजेश रावत, फूलन राय, चौधरी आनन्द, अनुग्रह नारायण सिंह, विजेन्द्र सिंह, अश्वनी कुमार तिवारी, अभय चंद सिन्हा, भूपेन्द्र तिवारी, अजय कुमार सिंह, श्रीराम सरगम, मनोज कुमार आदि रहें। 

हड़ताली तहसील कर्मियों को सांसद ने चेताया



 शुक्रवार को सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त अचानक बैरिया तहसील पहुँच गये और उपजिलाधिकारी व तहसीलदार के साथ बैठक कर कर्मचारियों के हड़ताल समाप्त कराने की विशेष पहल की। इस अवसर पर भाजपा के जिलाध्यक्ष सहित दर्जनों नेता व काफी संख्या में आमजन भी मौजूद रहें। सांसद ने कहा कि किसी भी कर्मचारी के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं करेगा इसका मैं भरोसा देता हूँ। इस पर भी हड़ताल खत्म नहीं होती है तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि तहसील पर किसी भी प्रकार का अनशन नहीं किया जा सकता, इसके लिए तहसील कर्मी दूसरा स्थान देख लें। साथ ही उन्होंने उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को निर्देश दिया कि जो भी कर्मचारी काम पर नहीं आता है तो उसको अनुपस्थित किया जाए और उसका वेतन के काटा जाये।



रिपोर्ट— धीरज सिंह

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