प्रेमी ने विषाक्त खाकर जीवन लीला समाप्त की, प्रेमिका फांसी पर झूलकर मौत को गले लगाया, गांव में पसरा मातम
रसड़ा(बलिया) वह दौर था जब इश्क आग का दरिया हुआ करता था आज के दौर मे इश्क स्वैच्छिक हो गए हैं जिसका श्री गणेश करना और द इंड बस एक क्लिक मे हो जाता है स्मार्ट फोन और सोशल मीडिया के जरिए हजारों मील दूर बैठा आशिक पलक झपकते ही माशूका तक पहुंच जाता है । प्यार पागल नहीं होता, पागल बना देता है। प्यार मरता नहीं, मरने के काबिल बना देता है। उपरोक्त शायरी यूपी के बलिया जनपद के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के मोतिरा गांव में मौत की बलि वेदी पर चढ़े प्रेमी युगलों पर सटीक बैठ रही है। प्रेम में अंधे प्रेमी ने जहा विषाक्त पदार्थ का सेवन कर अपनी इह लीला समाप्त कर ली, वहीं अपने प्रेमी की मौत से दुखी प्रेमिका ने फांसी के फंदे पर झूल कर मौत को गले लगा लिया। इस हृदय विदारक घटना से जहा गांव में शोक छा गया है, वहीं प्रेमी जोड़े के घर मातम पसरा है।
प्रेम में सदियों से प्रेमी युगलों ने बलिदान दिया है और अपने प्यार को अमर बनाया है। ऐसे ही प्रेम में मोतिरा गांव में दो किशोर प्रेमी युगलों ने अपनी जान को गवा दी। जानकारी के मुताबिक केदार राजभर का 17 वर्षीय पुत्र राहुल का अपने ही गांव के कु प्रीति 15 वर्ष पुत्री राजेन्द्र राजभर उर्फ चिल्लर से नैना चार हो गया। दोनों ही समाज की लोक लाज की परवाह छोड़ साथ जीने मरने की कसम खा लिया। कुछ दिनों से इन प्रेमी युगलों पर परिवार व समाज की टेढ़ी नजर थी। दोनों के परिजनों ने उन्हें मिलने पर बंदिशे लगा दी। इससे परेशान राहुल ने शनिवार को दोपहर में विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर आनन फानन में परिजनों ने उसे रसड़़ा सीएचसी ले गए, जहा उसकी गम्भीर हालत देख चिकित्सको ने आनन फानन में सदर अस्पताल रेफर कर दिया।जिला अस्पताल में इलाज के दौरान शाम को राहुल ने दम तोड़ दिया। प्रेमी की मौत खबर मिलते ही साथ जीने मरने की कसमें खाने वाली कु प्रीति गुमसुम सी हो गई और परिजनों की आंख बचाकर अपने को घर के एक कमरे में बन्द कर लिया और फांसी के फंदे पर झूलकर मौत को गले लगा लिया। सूत्रों की बात माने तो प्रीति फांसी लगाने से पहले हिन्दू मान्यताओं के अनुसार अपने पूरे शरीर में हल्दी का लेप लगाई थी।ताकि इस जन्म में नहीं मिले तो अगले जन्म में हम दोनों साथ फिर मिलेंगे ।देखा जाय तो इस तरह की घटना अक्सर फिल्मों में देखा गया है ।वहीं सूचना पर पहुची पुलिस ने जहा किशोर के शव को कब्जे में ले लिया वहीं किशोरी के शव को फंदे से उतार कर कब्जे में ले लिया। दोनो की मौत पर परिजन जहा गमगीन थे वही गांव में सन्नाटा पसरा था। प्रेमी युगल की मौत को लेकर तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गरम है। बुद्धिजीवी वर्ग को माने तो कम उम्र में ही प्यार, प्रेम में आबद्ध होने के पीछे जहा एक तरफ पश्चिमी सभ्यता का पुरबिया सभ्यता पर हावी होना है, वहीं दूसरी तरफ अभिभावकों द्वारा कम उम्र में ही अपने लाडले और लाडली के हाथों में स्मार्ट फोन थमा देना है।
रिपोर्ट : पिन्टू सिंह


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