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जानें कहा सर्प को अवतार मानकर देखने को उमडी़ भीड़



सिकंदरपुर, बलिया । आज के आधुनिकता के  युग में एक तरफ जहां पर लोग चांद पर पहुंचने के सपने को साकार कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ ऐसी भी घटनाएं देखने को मिल रही है, जिससे अंधविश्वास को प्रबल संभावनाएं मिल रही है। एक ऐसी ही घटना सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र से लगभग 4 या 5 किलोमीटर दूर भाड़ुकरा गांव देखने को मिली। वहां के ग्रामीणों की माने तो लगभग एक सप्ताह पूर्व मुख्य मार्ग से गांव की तरफ जाने वाले चकरोड पर राजवंशी वर्मा के सरसों के खेत के किनारे एक सर्प बैठा हुआ किसी को दिखाई दिया, जब वह शख्स पास जाकर देखा तो डर गया। लेकिन सर्प वहां से टस से मस नहीं हुआ। वह व्यक्ति गांव वालों को बुलाकर उसे दिखाया। गांव वालों के पहुंचने के बावजूद भी सर्प वहां से हिला नहीं तथा कुछ देर बाद पुनः अपने बिल में चला गया।


ग्रामीणों ने बताया कि उसके अगले दिन पुनः दोपहर के समय सर्प वहीं पर रास्ते पर बैठा हुआ किसी ने देखा। उसने शोर करके मौके पर ग्राम वासियों को बुलाया, जहां सैकड़ों की संख्या में लोग आए, जिन्हें देखकर सर्प पुनः अपने बिल के अंदर चला गया। लोगों के अंदर अब एक कौतूहल ने जन्म ले लिया और लोग प्रायः वहां जाकर देखने लगे। कभी सुबह तो कभी शाम वह सर्प निकल कर बैठा मिला। लोगों ने इसे नाग देवता मानकर पूजा पाठ भी शुरू कर दिया। यहां तक कि सोमवार की सुबह गांव तथा आसपास के गांव के सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों की झुंड वहां इकट्ठा हो गई और महिलाओं ने गीत गाना शुरू कर दिया। इस दौरान खेत के मालिक राजवंशी वर्मा ने बताया कि जब वह अपने खेत के पास पहुंचे तो सर्प वहां बैठा हुआ था। उन्होंने उसे लावा, दूध, अगरबत्ती बतासा आदि चढ़ावा चढ़ाना शुरू कर दिया। वहीं गांव के ही बलिराम प्रजापति, राजनाथ वर्मा, विवेक वर्मा, शैलेश, रमेश मौर्या आदि ने बताया कि रोज यहां से गुजरने पर दोपहर के समय सर्प बैठा हुआ दिखलाई देता था। गांव वाले अब उसे नाग देवता मानकर पूजा पाठ करना शुरू कर दिए हैं। यहां तक कि अब महिलाओं का झुंड भी इकट्ठा होना शुरू हो गया है तथा चढ़ावा चढ़ाना शुरु कर दिया है।


रिपोर्ट-हेमंत राय

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