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कोरोना पर आउट ब्रेक के लिए अलर्ट मोड में आया जिला प्रशासन





बलिया: जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस पर रोकथाम के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। संक्रमण रोकने को लेकर केंद्र व राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। जिले स्तर पर चार टीम बनाकर योजनाबद्ध तरीके से रोकथाम के लिए जरूरी उपाय किए जा रहे हैं।
शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता कर कोरोना वायरस से निपटने की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह द्वितीय स्टेज पर है और इससे बचाव से तरीकों से ही इस पर अंकुश लगाया जा सकता हैं। सभी तरह के धरना प्रदर्शन पर भी रोक लगा दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि जान की सुरक्षा के लिए ऐसा करने से बचें। बताया कि जनगणना का प्रशिक्षण भी स्थगित कर दिया गया है।

आउटब्रेक रिस्पांस कमेटी समेत 11 टीमों का गठन

— जिलाधिकारी ने बताया कि कोराना संदिग्धों की निगरानी के लिए आउटब्रेक रिस्पांस कमेटी का गठन किया गया है। इसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष व एसपी सदस्य हैं। इसके अलावा कमेटी के संयोजक सीएमओ डॉ प्रीतम मिश्र, सदस्य के रूप में डीपीआरओ, डीडीओ, नगर विकास अधिकारी, डीआईओएस, बीएसए, जिला सूचना अधिकारी के अलावा प्राईवेट नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ पीके सिंह, रेलवे अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ विष्णु प्रभाकर हैं।
कोरोना से निपटने को कंट्रोल रूम की स्थापना की गयी है, जिसके अन्तर्गत कॉल सेंटर मैनेजमेंट टीम, सर्विंलांस, ट्रेनिंग कैपिसिटी बिल्डिंग टीम, इन्फ्रास्टक्चर (आईसोलेशन वार्ड एवं फैसेलिटीज) मैनेजमेंट टीम, मैटेरियल मैनेजमेंट टीम, आईईसी बीसीसी मीडिया मैनेजमेंट टीम, प्राईवेट हास्पिटल मैनेजमेंट टीम, ट्रान्सपोटेशन को—आर्डिनेशन टीम, इन्टर डिपार्टमेंल को—आर्डिनेशन टीम व साइक्लोजिकल सपोर्ट टीम का भी गठन किया गया है।


बहुत जरूरी हो तभी करें आयोजन, पर दस से अधिक लोग न जुटें

जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों से यह अपील की गयी है कि कोई भी आयोजन इसके प्रभाव को खत्म हो जाने के बाद ही करें। बहुत जरूरी हो तो यह ध्यान रहे कि आपके कार्यक्रम में दस से अधिक लोग न जुटें और सबका विवरण आयोजनकर्ता के पास हो। धार्मिक लोगों से भी जिलाािकारी ने अपील की है कि इस वायरस को रोकने में अपना भी योगदान दें। मन्दिर, मस्जिद प्रबन्धन लोगों को यह संदेश दें कि धार्मिक औपचारिकताएं अपने घर से ही कर लें। मंदिर या मस्जिद पर भीड़ न होने दें।

बाहर से आने वाले लोग होंगे चिन्हित

जिलाधिकारी ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग बलिया से बाहर रहते हैं। स्वाभाविक है कि इस महामारी के फैलने के डर से अब वह अपने गांव वापस आएंगे। ऐसे में प्रधान व अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा ग्राम स्तरीय अधिकारियों-कर्मचारियों से भी यह अपेक्षा की गई है कि विदेश या महानगरों से आने वाले लोगों का फालोअप करें। उनके बारे में कंट्रोल रूप को सूचना दें। इसको हल्के में लेने पर बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।


प्रधान व अन्य जनप्रतिनिधियों से की अपील

जिलाधिकारी ने समस्त जनप्रतिनिधियों विशेष तौर पर ग्राम प्रधानों से अपील किया है कि अपने गांव के ऐसे लोगों को चिन्हित करने में सहयोग करें, जो बाहर से खासकर विदेश या महानगरों से आ रहे हैं। यह भी कहा है कि अपनी ग्राम पंचायत में सार्वजनिक जगह पर बैनर लगवाकर कोरोनो के प्रति जनजागरूकता फैलाने में योगदान दें। साबुन से बार-बार हाथ धोने व कोरोना से बचाव सम्बन्धी अन्य जानकारी का जितना हो सके, प्रचार-प्रसार करवाएं।

विदेश से आया व्यक्ति थाने या पीएचसी पर जरूर करें सूचित

डीएम ने बताया कि कोई भी विदेश से आया हुआ व्यक्ति सम्बन्धित थाने या पीएचसी पर जाकर यह सूचित करेगा कि वह कहां से आया है। अगर कोई ऐसा नहीं करता है या कहीं से आने की बात को छुपाता है तो उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

मास्क की जगह रूमाल या गमछे का करें प्रयोग

सेनेटाइजर के बारे में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि साबुन, डिटॉल जैसे सेनेटाइजर का प्रयोग करते रहें। अगर पास में मास्क नहीं हो तो रुमाल या गमछे का ही प्रयोग कर लें। यह सबके यहां ये चीजें आसानी से उपलब्ध है। गांव के लोगों में इस बात के लिए जागरूक किया जाए।


जनता कर्फ्यू को बनाएं सफल

जनता कर्फ्यू के बाबत डीएम श्री शाही ने कहा कि कोरोना वायरस मानव शरीर के अलावा और कहीं भी 12 से 36 घण्टे से ज्यादा जिंदा नहीं रह सकता। कोरोना वायरस की श्रृंखला को तोड़ने के लिहाज से यह एक अहम निर्णय है। जब हम जनता कर्फ्यू के दौरान 12 से 36 घंटे किसी से नहीं मिलेंगे तो यह श्रृंखला टूटेगी और कोरोना पर अंकुश लगने की सम्भावना को बल मिलेगा। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील किया कि खानपान, दवा जैसी जरूरी चीजों को छोड़कर अन्य किसी सामान्य काम के लिए बाहर निकलने से बचें और जनता कर्फ़्यू को प्रबल तरीके से सफल बनायें।

उचित दूरी बनाकर बैठें कर्मचारी

जिलाधिकारी ने बताया कि शासन की ओर से मिले निर्देश के क्रम में, समस्त विभागाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है कि कार्यालय में कर्मचारियों को उचित दूरी बनाकर ही बैठाएं। उनको कोरोना से बचाव के तरीके बताएं। हर प्रकार के कर्मचारी को सेनेटाइज़ेशन के बारे में बताया जाए। अगर किसी में इसके लक्षण मिले तो तत्काल चेकअप कराया जाए।

मुख्यालय छोड़ बाहर नहीं जाएंगे अधिकारी-कर्मचारी

- जिलाधिकारी ने साफ किया है कि सरकारी अधिकारी—कर्मचारी अपने कार्यालय में हों या परिस्थिति के अनुसार घर पर, लेकिन मुख्यालय से बाहर कोई भी नहीं जाएंगे। विपरीत परिस्थितियों में किस विभाग के किस कर्मी की जरूरत पड़ जाए, इसको लेकर ऐसा निर्णय लिया गया है। इस आदेश की अवहेलना करने वाले कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

जनसुनवाई भी 2 अप्रैल तक नहीं

जनसुनवाई कार्यक्रम भी 2 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। बावजूद इसके कोई ज़िले या तहसील पर आ गया तो उसके लिए बाहर बॉक्स लगा रहेगा। उसमें वह अपनी समस्या डालकर चला जाएगा। शाम के समय उसे देखा जाएगा और समस्या की गम्भीरता के अनुसार कार्यवाही होगी।


इन नम्बरों पर दें सूचना

कोरोना वायरस के प्रसार व संक्रमण को रोकने के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम का नम्बर 05498—220808 है, जहां प्रशासनिक अफसर हमेशा मौजूद रहेंगे। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम का नम्बर  05498—220723 है, जहां बाहर से आने वाले लोगों के बारे में सूचना दी जा सकती है।


यहां देखें कब लगी है आपके केस की डेट

बलिया: कोरोना वायरस को देखते हुए किसी एक जगह पर भीड़भाड़ न हो, इसके लिए प्रशासन ने कई अहम निर्णय भी लिए गए है। राजस्व या चकबंदी न्यायालय में जनपद या तहसील स्तर पर किसी मुकदमे की तिथि लगी थी तो आटोमेटिक उसकी डेट लग गयी है। बताया कि 21 मार्च को होने वाली सुनवाई 20 अप्रैल को, 23 मार्च की 21 अप्रैल को, 24 मार्च की 22 अप्रैल को, 25 मार्च की तिथि 23 अप्रैल को, 26 मार्च की 24 अप्रैल को, 27 मार्च की तिथि 25 अप्रैल को लग गयी है। इसी तरह 28 मार्च की डेट 27 अप्रैल को, 30 मार्च की तिथि 28 अप्रैल को, 31 मार्च की तिथि 29 अप्रैल व 01 अप्रैल की तिथि 30 अप्रैल को लग गयी है। जिलाधिकारी ने वादी व प्रतिवादियों से कहा कि कोर्ट में जाने की जरूरत नहीं है। मुकदमें की अगली तिथि स्वयं लग गयी है।



आपात स्थिति से निपटने को बनाया 'कोरोना इमरजेंसी रिस्पांस प्लान'

चार टीमें करेंगी अलग—अलग कार्य

बलिया: कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विपिन कुमार जैन ने कहा कि कोरोना एक तरह से आपदा और महामारी दोनों हो गई है। इसका प्रवेश बलिया में तो नहीं हुआ है, लेकिन इससे निपटने के लिए तात्कालिक तौर पर 'कोरोना इमरजेंसी रिस्पांस प्लान' बनाया गया है। इसके तहत पांच टीमें बनाई गई है।
एसडीएम सिकंदरपुर अन्न्पूर्णा गर्ग की देखरेख में मीडिया सेल बनी है जिसमें ईडीएम, बीएसए, जिला सूचना अधिकारी व जिला कार्यक्रम अधिकारी हैं। यह टीम सभी स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं औश्र केंद्र सरकार की गाईडलाईन्स का प्रचार प्रसार करेगी। साथ ही अफवाहों पर नियंत्रण व उसका खंडन करेगी।
दूसरी टीम में एसडीएम रसड़ा, सीएमओ, सीएमएस व एएसपी हैं, जो कोरोना संदिग्ध की जानकारी मिलते ही विशेष वाहन से उसको ले आकर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराएंगे। टीम के साथ पुलिस बल भी रहेगी। टीम के सहयोग में सम्बन्धित तहसीलदार व थानाध्यक्ष भी रहेंगे, जो समस्त सम्पर्कों की जानकारी कर रिपोर्ट करेंगे।
तीसरी टीम एडीएम के देखरेख में सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम बेल्थरा, डीआईओएस व डीएसओ की है, जो खासकर तीन विन्दुओं पर काम करेगी। जिले में आवश्यक चीजों की सुलभता के साथ सामान, दवा आदि की कालाबाजारी पर नजर रखेगी। कोरोनो से सम्बन्धित इलाज व अन्य सुविधा पीड़ितों को दिलवाने की जिम्मेदारी भी इसी टीम की है। महामारी घोषित होने की स्थिति में जिले स्तर पर क्वारेनटाइन केंद्र का चिन्हांकन व उसमें रखे गए व्यक्तियों के लिए अवस्थापन के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।
चौथी टीम सीडीओ की देखरेख में विकास विभाग व नगरीय निकाय महकमे की है। सभी बीडीओ, ईओ गांव व नगर के समस्त सार्वजनिक स्थलों को सेनेटाइज व युद्धस्तर पर साफ सफाई सुनिश्चित कराएंगे। गांव या नगर में एक ऐसी जगह का चिन्हांकन पहले से कर लेंगे, जहां आपात स्थिति में क्वारेनटाइन की व्यवस्था की जा सके। यह टीम हमेशा हर गांव या वार्ड के सम्पर्क में रहेगी।



डीएम ने अधिकारियों के साथ की बैठक, सौंपी जिम्मेदारी

बलिया: कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने स्वास्थ्य विभाग के समस्त चिकित्साधिकारियों और कुछ और विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने इसे लिए बनाई गई कमेटी और सभी को सौंपी गई जिम्मेदारी की जानकारी दी। कहा, इस पर अंकुश लगाने के लिए जरूरी है कि जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका अनुपालन अभी से शुरू कर दें। 
बैठक में उन्होंने कहा कि बलिया के लोग देश और दुनिया के कोने-कोने में हैं। बचाव के लिए करना यही है कि बाहर से आने वाले लोगों को चिन्हित करना है। केंद्र व राज्य सरकार से ऑफिसियल सूचना सीएमओ के यहां आ रही है। कोविड जांच के सम्बंध में व्यवस्था के बारे में सीएमओ से पूछताछ की। कहा कि नमूना लेने के लिए जरूरी सामान की उपलब्धता की सूचना देते रहेंगे।

एसपी ने गांव-गांव में नजर रखने के बताए तरीके

बैठक में एसपी देवेन्द्रनाथ ने कहा कि इस पर अंकुश पाने में हर कोई जिम्मेदार बनें। सबसे पहले बाहर से आने वाले लोगों को चिन्हित करना जरूरी है। सभी ग्राम प्रधान के सम्पर्क नम्बर सभी ब्लॉक पर है। पुलिस के पास भी हर गांव के वरिष्ठ लोगों के नाम व नम्बर हैं। ब्लॉक के अधिकारी या थाने के अफसर गांव का हाल जानने के बहाने ही देश से बाहर या महानगरों से आने वाले लोगों के सम्बंध में नजर रख सकते हैं।



रिपोर्ट धीरज सिंह

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