अगर बेची मलेरिया की दवा तो खैर नहीं
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| अखंड भारत समाचार |
बलिया। मलेरिया के मर्ज की कारगर दवा मानी जानें वाली हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के क्रय विक्रय को लेकर जिला प्रशासन सर्तक हो गया है। दवा का विक्रय करने पर अभी पूर्ण पांबदी नहीं है,लेकिन थोक और फुटकर दोनों कारोबारियों को इस औषधि की बिक्री का पूरा डाटा रोज शाम को विभाग को उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है। इस बाबत जिला खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन महेंद्र प्रताप श्रीवास्तव ने बलिया केमिस्ट व ड्रगिस्ट ऐसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद सिंह को पत्र लिख दवा के क्रय-विक्रय की निगरानी रखने का निर्देश जारी किया है। सूत्रों की मानें तो सरकार इस दवा को कोरोना वायरस से निपटने में प्रभावी मान रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
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जिला खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन अधिकारी द्वारा लिखें गये पत्र की जानकारी देते हुए बलिया केमिस्ट व ड्रगिस्ट ऐसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद सिंह ने बताया कि केन्द्र सरकार ने हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन औषधि को बीते 26 मार्च को औषधि एवं प्रशासन सामग्री अधिनियम 1945 के शेड्यूल एच 1 में शामिल कर दिया था। जिस कारण इस दवा का क्रय और विक्रय करने की मनाही और उससे संबधित जानकारी रजिस्टर में उपलब्ध रखने की हिदायत दी गई है। जिसके तहत बीते एक अप्रैल को जिला खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन अधिकारी महेंद्र प्रताप श्रीवास्तव ने उक्त दवा को बेचें तो उपरोक्त दिए फार्म मे डिटेल भरकर उसे रोजाना की रिपोर्ट विभाग को देने का निर्देश दिया है।
रिपोर्ट- धीरज सिंह


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