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पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण है रसड़ा का लखनेश्वरडीह किला

भगवान विष्णु की अद्वितीय प्रतिमा
रसड़ा (बलिया): पुरातात्विक दृष्टिकोण से समृद्ध लखनेश्वरडीह का इलाका पर्यटन के मामले में भी अग्रणीय भूमिका अदा कर सकता है। मगर अफसोस इस ओर किसी की नजर नहीं जा रही है।एक तरफ अयोध्या में रामराज स्थापित करने के लिए करोडों खर्च भूमि पूजन पर मगर उत्तर प्रदेश के बागी जनपद के नाम से प्रसिद्ध बलिया जनपद मुख्यालय  से  करीब 42  किलोमीटर दूर  तमसा नदी के तट पर स्थित लखनेश्वरडीह का किला पौराणिक पहलुओं को भी खुद में समेटे हुए हैं। भगवान श्रीराम के अनुज लक्ष्मण ने यहां शिवलिंग की स्थापना अपने हाथों से की थी। इसका उल्लेख रामायण में किया गया है। 

विडंबना यह है कि इस तरह के ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए अब तक कोई पहल नहीं हुई किसी सरकार मे खास बात यह है कि लखनेश्वरडीह किला के पास ही खेतों की जुताई के दौरान भगवान विष्णु की काले पत्थर की प्रतिमा मिली थी जहां आज भव्य मंदिर का निर्माण कर दिया गया है। 

स्नान पर्व के दिन तो यहां पूजन-अर्चन को श्रद्धालुआें का तांता लगा  रहता है बलिया व गाजीपुर जनपद के लोगों का । यह क्षेत्र पुरातत्व विभाग व भूगर्भशास्त्रियों के लिए शोध का विषय है। इस क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में अगर विकसित कर दिया जाय तो इससे एक तरफ क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा वहीं राजस्व की भी वृद्धि होगी।

रसड़ा  क्षेत्र को पर्यटन केंद के रूप में विकसित करने की घोषणा कई राजनेताओं और विधायकों ने की लेकिन ये घोषणाएं उड़ान नहीं ले सकीं। सच तो यह है कि सभी घोषणाएं हवा-हवाई ही साबित हुई।

हालांकि कि ऐसा नहीं कि सरकार मे मंत्री नहीं रहे हो सरकार चाहे जो रही हो मगर बलिया जिले में मंत्री हमेशा दिखें पर  किसी मंत्री व जनप्रतिधि ने इस पहलू को गंभीरता से नहीं लिया।

रिपोर्ट पिन्टू सिंह 




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