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चेयरमैन के समर्थन में एसडीएम से मिले व्यापार मंडल के पदाधिकारी, सौंपा पत्रक



बांसडीह, बलिया: नगर व्यापार मंडल बांसडीह का एक प्रतिनिधिमंडल व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय कुमार गुल्लर के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी बांसडीह  दुष्यंत कुमार मौर्य से मिला और मणि मंजरी राय आत्महत्या केस में 'दोषी बचे नहीं निर्दोष फंसे नहीं के तहत एक मुख्यमंत्री के नाम से 10 सूत्रीय  ज्ञापन सौंपा.जिसमे स्वर्गीय मणिमंजारी राय  मामले में बैरिया के नायब तहसीलदार रजत सिंह पहले दिन से ही संदिग्ध है लेकिन अभी तक उनको आरोपी क्यों नहीं बनाया गया.
स्वर्गीय मणि मंजरी राय के सुसाइड नोट पर ध्यान देते हुए हुए भी जांच होना चाहिए क्योंकि दिल्ली और बनारस में वह नौकरी नहीं कर रही थी। नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी के रूप में उनकी पहली पोस्टिंग थी। डीआईजी आजमगढ़ महोदय भी बयान दे चुके हैं कि सोसाइट नोट का पहला लाइन करैक्टर से जुड़ा हुआ है, मणि मंजरी राय का पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए ताकि सच्चाई सामने आवे,मणिमंजारी राय का आत्महत्या हुआ है या हत्या हुआ है ।यह भी जनता में कंफ्यूजन है स्पष्ट किया जाए क्योंकि इनके पिता ने पहले दिन कहा  था कि उसकी हत्या करके टांग दिया गया है.

एफ आई आर में जिस टेंडर की  बात हो रही है किया गया है वह अधिशासी अधिकारी स्वर्गीय मणिमंजारी राय और चेयरमैन भीम गुप्ता के हस्ताक्षर से 6 जून 2020 को ही निरस्त कर दिया गया है उसके बाद जो भी टेंडर हुआ है जो  जेम पोर्टल से हुआ है जिसका कार्यालय के सीसी कैमरे में सबूत है जांच किया जाए, नायब तहसीलदार रजत सिंह और ड्राइवर चंदन वर्मा का कॉल डिटेल, सीडीआर और रिकॉर्डिंग वार्तालाप का आ जाए तो मामला क्लियर हो जाएगा.

एफ आई आर में शामिल भीम गुप्ता ,विनोद सिंह,अखिलेश कुमार चंदन वर्मा के अलावा अन्य जो लोग हैं उन पर क्या कार्रवाई हुई सार्वजनिक किया जाए, मणि मंजरी राय की सहेली डॉक्टर ममता ने फेसबुक वॉल पर शादी एवं दोस्त चुनने के संबंध में कुछ बात लिखी है उसकी भी जांच की जाए,पुलिस के द्वारा अन्य अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया गया था पूछताछ के लिए, उसमें क्या हुआ इसे भी सार्वजनिक किया जाए ताकि जनता को सच्चाई सामने आवे,एफ आई आर में आरोपित भीम गुप्ता सहित अन्य को तब तक ना गिरफ्तार किया जाए जब तक पूर्ण जांच में उन को दोषी नहीं पाया जाता है क्योंकि अभी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में मुख्य दोषी कोई दूसरा होगा ,उनकी छवि खराब होने से जो क्षति होगी फिर वापस नहीं हो सकता है।जिसमें मुख्य रुप से मनोज साहू रमेश रौनियार गोपाल जी गुप्ता आदि रहे।
 
रिपोर्ट रविशंकर पाण्डेय

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