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जाने कहां और कैसे फिर रहा सरकार के सपनों पर पानी


रसड़ा (बलिया ) : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के परिषदीय स्कूलों की सेहत के सुधार हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि परिषदीय विद्यालयों में अधिक से अधिक छात्र छात्रों का नामांकन हो और उन्हें अच्छी शिक्षा के साथ साथ अच्छी सुविधा भी मिले। यही सोच कर सरकार परिषदीय स्कूलों के छात्रों के लिए मुफ्त में पुस्तक, यूनिफार्म आदि उपलब्ध करा रही है साथ ही विद्यालय को कांवेन्ट स्कूलों की तरह चकाचक रखने के लिए रंगाई पुताई तथा साफ सफाई पर भी भारी भरकम धनराशि खर्च कर रही है शिक्षा पर पानी की तरह पैसा बहा रहीं ताकि सबका साथ सबका विकास संभव हो लेकिन सरकार के करिंदे यानि कि गुरुजी ही सरकार की मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे है।सरकार द्वारा रंगाई पुताई के लिए छात्र संख्या 99 तक वाले विद्यालयों को 25 हजार तथा उससे ऊपर की छात्र संख्या वाले विद्यालयों 50 हजार रूपए की धनराशि अवमुक्त की गई है। इसमें दस फीसदी साफ सफाई पर खर्च करना है। सरकार की सोच है कि इस कोरोना संकट काल में भी विद्यालय साफ सुथरा दिखाई दे।

 सरकार द्वारा विद्यालयों को धन अवमुक्त करने के बाद भी जिम्मेदार प्रधानाध्यापक , अध्यापिका विद्यालयों में रंगाई पुताई  साफ सफाई तो दूर स्कूलों के ताला नहीं खुल रहें  है। सबसे आश्चर्यजनक पहलू ये है कि गुरुजी रंगाई पुताई और साफ सफाई के लिए आए पैसे के बंदरबांट में जी जान से जुट गए है। ऐसे में प्रश्न खड़ा होता है कि इस परिस्थिति में जब सरकार परिषदीय विद्यालयों के लिए लाखो रुपए खर्च कर रही है, तब गुरु जी की मंशा ही विद्यालय के प्रति साफ नहीं है तो परिषदीय विद्यालयों की स्थिति में सुधार कैसे होगा।

          प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों में किचन गार्डन स्थापित करने के लिए 15 हजार रूपए की धनराशि विद्यालयों को भेज दी गई है लेकिन एक दो विद्यालयों को छोड़ दिया जाए तो कोरोना काल का फायदा उठाते हुए प्रधानाध्यापकों द्वारा कही भी किचन गार्डन स्थापित नहीं किया गया है। विभाग द्वारा भी विद्यालयों की रंगाई पुताई, साफ सफाई तथा किचन गार्डन स्थापित किए जाने के सम्बन्ध में कोई जांच पड़ताल नही की जा रही है।

बताते चलें कि बलिया जिले के रसड़ा शिक्षा क्षेत्र में 221 परिषदीय विद्यालय है । सरकार को सपनों को साकार कागजों पर होता देख अखण्ड भारत न्यूज़ संवाददाता ने रियालटी चेक किया 
मगर जिम्मेदार शिक्षक स्कूलों का ताला बंद कर चट्टी चौराहे पर डिगें हांकते नज़र आ रहे।

बानगी के तौर पर आज कुछ स्कूलों को चेक किया गया तो सुबह 9 से 1बजे तक विद्यालयों के ताला नहीं खुला था । लिहाजा संवाददाता ने खण्ड शिक्षा अधिकारी वंशीधर श्रीवास्तव को अवगत कराया तो उन्होंने कहा दोषियों के खिलाफ जरुर कार्रवाई होगी।






रिपोर्ट पिंटू सिंह

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