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बलिया के इस फौजी ने पौधों के नाम किया अपना जीवन




रतसर (बलिया):कमाई के लालच में हरे पेड़ काटने वालों को सेवानिवृत फौजी से सीख लेनी चाहिए। गड़वार विकास खण्ड के जनऊपुर गांव निवासी 65 वर्षीय बब्बन पाण्डेय सेवानिवृत के बाद 189 छायादार पौधे लगा चुके है। हर साल वे अपनी पेंशन के पैसों से सैकड़ों पौधे लगाए है। उम्र के इस पड़ाव में पर्यावरण संरक्षण को लेकर उनके इस हौसले एवं उत्साह को देखकर ग्रामीण भी हैरत में है।


उनका कहना है कि वे अपने लगाए गए पौधों को बड़ा होकर हरा भरा देखते है तो बड़ा सुकून मिलता है। सर्दी हो या गर्मी या बरसात रोजाना लगाए गए पौधों में पानी देना, सुरक्षा घेरा बनाना उनकी दिनचर्या में शामिल है। पर्यावरण के प्रति प्रेम और जुनून रखने वाले फौजी बब्बन पाण्डेय बताते है कि हमने ज्यादातर पर्यावरण को आक्सीजन देने वाले पौधों में पीपल, बरगद एवं पाकड़ लगाए है ताकि भविष्य में इन पौधों  से राहगीरों को गर्मी के दिनों में छांव मिलेगा बल्कि पर्यावरण भी हरा भरा रहेगा।


 2018 में जनऊबाबा साहित्यिक संस्था निर्झर की तरफ से पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतन्त्र प्रभार राज्यमन्त्री उपेन्द्र तिवारी द्वारा उन्हें जनऊबाबा गौरव सम्मान से सम्मानित किया था।





रिपोर्ट : धनेश पाण्डेय

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