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विस निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्य शुरू, 15 दिसंबर तक की जा सकेगी दावा आपत्ति



बलिया: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता 01 जनवरी 2021 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन दिनांक 17 नवम्बर को हो गया है, जो 15 दिसम्बर तक चलेगा।

समय सारणी की विस्तृत जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया कि आलेख्य प्रकाशन के बाद 15 दिसम्बर तक दावा/आपत्ति दाखिल की जा सकेगी। बताया कि विशेष अभियान की तिथियां 22 नवंबर, 28 नवंबर, 05 दिसंबर और 13 दिसम्बर है। प्राप्त दावे और आपत्तियों का निस्तारण 05 जनवरी, 2021 तक किया जाएगा। अंतिम प्रकाशन के लिए 14 जनवरी तक आयोग की अनुमति प्राप्त करने के बाद निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 15 जनवरी को होगा।


नाम जुड़वाने, काटने या संशोधन के लिए भरें ये फॉर्म, राजनीतिक दल नियुक्त कर लें बूथ लेवल एजेंट


जिलाधिकारी ने बताया कि पुनरीक्षण अवधि के दौरान बीएलओ घर-घर जाकर 18-19 आयु वर्ग के पात्र युवक/युवतियों का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए फार्म-6 भरवाएंगें। उन्होंने लोगों से अपील की है विधानसभा की मतदाता सूची में जिनका नाम नहीं है वह इस अवधि के दौरान फॉर्म-6 भर दें। किसी अपात्र व्यक्ति का नाम निकालने के लिए फार्म-7, किसी प्रकार का संशोधन के लिए फार्म-8 तथा निवास परिवर्तन करने की दशा में फार्म-8ए भरकर अपने से संबंधित बीएलओ को मतदेय स्थलों पर या संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के तहसील कार्यालय में जमा किया जा सकता है। यह भी कहा है कि मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल अपने बूथ लेबिल एजेन्ट नियुक्त कर लें, जो संबंधित मतदेय स्थल के बूथ लेविल अधिकारी (बीएलओ) के संरक्षण में त्रुटियों को चिन्हित करने में सहयोग कर सकते हैं।


स्नातक निर्वाचक में पहचान के लिए जरूरी दस्तावेज


बलिया:  उत्तर प्रदेश विधान परिषद के वाराणसी खण्ड स्नातक एवं वाराणसी खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2020 के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचकों की पहचान के सम्बन्ध में आदेश जारी किये गये हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया कि मतदान के दिन ऐसे मतदाता, जो अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते है, उन्हें अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड, ड्राईविंग लाइसेन्स, पैन कार्ड, भारतीय पोसपोर्ट, राज्य/केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय या अन्य निजी औद्योगिक घरानो द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किये गये सेवा पहचान पत्र, सांसदो/विधायको/विधान परिषद के सदस्यों को जारी किये गये अधिकारिक पहचान पत्र, शैक्षिक संस्थाओं, जिनमें संबंधित शिक्षक/स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का निर्वाचक नियोजित हो, द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र, विश्वविद्यालय द्वारा जारी उपाधि/डिप्लोगा का प्रमाण पत्र मूल रूप में, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबंधी प्रमाण पत्र मूल रूप में मान्य होगा। जिलाधिकारी श्री शाही ने मतदाताओं से अपील की है कि मतदान तिथि एक दिसंबर को अपने मतदाता फोटो पहचान पत्र या इन दस्तावेजों के जरिए अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें।



रिपोर्ट : धीरज सिंह

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