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बिहार में कोई बेटा तो कोई चाहेता के सहारे सत्ता का लक्ष्य , जाने नीतीश के नए कैबिनेट में शामिल होने संभावित मंत्रियों के नाम

 



पटना: बिहार में 43 सीटें लाने वाले जेडीयू कोटे से कौन-कौन मंत्री बनेंगे यह फैसला नीतीश कुमार करेंगे। उनके लिए यह काम ज्यादा मुश्किल इसलिए भी नहीं होगा क्योंकि, उनकी पार्टी की 28 सीटें तो कम हुई हैं, चुनाव लड़ने वाले उनके 14 में से 8 मंत्री भी हार गए हैं। लेकिन, दिलचस्पी भाजपा के कोटे से बनने वाले मंत्रियों की लिस्ट को लेकर बनी हुई है। जिसमें निवर्तमान डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी खुद अपनी पारी समाप्ति का संकेत तो दे रहे हैं, लेकिन पर्दे के पीछे से उनका खेल लगातार जारी दिखाई पड़ रहा है। पिछली सरकार में जेडीयू कोटे से 18 और बीजेपी कोटे से 12 मंत्री थे। लेकिन, इस बार सारा गणित उलट-पुलट नजर आ रहा है।


बिहार में सोमवार को नीतीश कुमार मंत्रिपरिषद में शामिल होने जा रहे संभावित चेहरों का जिक्र करें, उससे पहले बिहार बीजेपी के सबसे दिग्गज नेता सुशील कुमार मोदी के इस ट्वीट का जिक्र करना जरूरी है। आज उन्होंने राज्य की नई एनडीए सरकार को लेकर एक के बाद एक लगातार तीन ट्वीट किए हैं, जिसमें उन्होंने लिखा है- 1- "भाजपा एवं संघ परिवार ने मुझे 40 वर्षों के राजनीतिक जीवन में इतना दिया की शायद किसी दूसरे को नहीं मिला होगा।आगे भी जो जिम्मेवारी मिलेगी उसका निर्वहन करूंगा। कार्यकर्ता का पद तो कोई छीन नहीं सकता।" 2-"नोनिया समाज से आने वाली बेतिया से चौथी बार विधायक श्रीमति रेणु देवी के भाजपा विधान मण्डल दल के उप नेता सर्वसम्मति से चुने जाने पर हार्दिक बधाई!" 3-"तारकिशोर जी को भाजपा विधानमंडल का नेता सर्वसम्मति से चुने जाने पर कोटिशः बधाई !"


अभी तक सुशील मोदी की जगह पर बिहार में रामजन्भूमि आंदोलन से जुड़े बीजेपी के दिग्गज दलित चेहरे कामेश्वर चौपाल को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा थी। लेकिन, जिस तरह से पार्टी विधानमंडल दल के नेता और उप नेता चुने जाने पर सुशील मोदी ने तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी को बधाई दी है, उससे कहानी बदलती नजर आ रही है। तारकिशोर प्रसाद बीजेपी में सुशील मोदी के बहुत ही खास माने जाते हैं और उनके नाम को आगे बढ़ाने में पार्टी में सशक्त वैश्य लॉबी का बड़ा रोल माना जा रहा है। दूसरी तरफ रेणु देवी भी पार्टी की अति-पिछड़ा महिला चेहरा हैं और चौथी बार चुनाव जीतकर आई हैं। पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों की मानें तो विधानमंडल दल का नेता और उप नेता बनाए जाने से पहला संकेत यही निकल रहा है कि ये दोनों अगले उप मुख्यमंत्री बनेंगे।


यही नहीं सूत्रों की मानें तो अगर कटिहार से विधायक तारकिशोर उप मुख्यमंत्री बने तो सुशील मोदी कैबिनेट से बाहर रहकर भी अपना दबदबा बनाए रख सकते हैं। यानि इस निर्णय में सीधे नहीं तो परोक्ष तौर पर सुशील मोदी की छाप जरूर नजर आ रही है; और पार्टी के एक वर्ग में वैश्यों के इस वर्चस्व को लेकर कश्मकश भी चल रही है। क्योंकि, सूत्रों की मानें तो इस बार के चुनावों में बिहार में बनिया वोटरों ने बहुत ही ज्यादा रणनीतिक वोटिंग की है और उसने भाजपा के उम्मीदवारों को वहीं ज्यादा समर्थन दिया है, जहां प्रत्याशी उनके समाज से थे।


वैसे उप मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाने में रक्षा मंत्री और बिहार में बीजेपी के पर्यवेक्षक बनकर गए राजनाथ सिंह को शायद इसलिए भी दिक्कत हो रही है, क्योंकि सूत्रों के मुताबिक हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और वीआईपी ने इस कुर्सी की लालच नहीं छोड़ी है। ऐसे में अगर स्थितियां नहीं संभलीं तो पार्टी को एक बार फिर यू-टर्न लेकर सीटिंग-गेटिंग के तहत सुशील मोदी को ही इस पद पर बरकरार रखना पड़ सकता है।


इस बीच बिहार में भाजपा के गलियारों में डिप्टी सीएम पोस्ट के लिए एक और नाम तेजी से चर्चा में आ गया है। ये नाम है केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय का। उजियारपुर से सांसद राय गृहमंत्री अमित शाह के बेहद खास हैं और उन्हें काफी लंबे वक्त से बिहार में अगली पीढ़ी का भाजपा नेता बताया जा रहा है। नीतीश कुमार अगर मुख्यमंत्री बनने से इनकार कर दिए होते तो उस सूरत में वह सीएम पद के भी सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। ऐसे में अगर पार्टी अभी से उनको नई जिम्मेदारी देने का फैसला करती है तो इस संभवना से इनकार भी नहीं किया जा सकता। नित्यानंद राय यादव भी हैं और लालू के जमाने से ही राजद की राजनीति का जवाब देने में भी माहिर माने जाते हैं।


जहां तक नीतीश कुमार सरकार में भाजपा कोटे के मंत्रियों की बात है तो मंगल पांडे, प्रेम कुमार और नंदकिशोर यादव का फिर से मंत्री बनना लगभग तय है। जबकि, जेडीयू कोटे से संजय कुमार झा, श्रवण कुमार, बीमा भारती, विजेंद्र प्रसाद यादव का मंत्री बनना करीब-करीब तय है। वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार को मंत्री बनाया जा सकता है, क्योंकि खुद जीतन राम मांझी अपना नाम किनारे कर चुके हैं।





डेस्क


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