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दीया—बाती प्रदर्शनी के अंतिम दिन हुई हस्तशिल्पी सामानों की खूब खरीदारी


— *सपरिवार पहुंचे जिलाधिकारी ने भी खरीदे कई तरह के मिट्टी के सजावटी सामान*


— *पूरे दिन स्कूली बच्चों भ्रमण कर गंवई चीजों के बारे में चाव से लेते रहे जानकारी*


बलिया: जिला आकांक्षा समिति और जिला उद्योग केंद्र के बैनर तले आयोजित दीया—बाती प्रदर्शनी के अंतिम दिन गुरूवार को लोगों ने हस्तशिल्पी सामानों की खूब खरीदारी की। मिट्टी के दीए के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की कलाओं से बनाए गए पूजन सामग्री की भी विक्री हुई। जिलाधिकारी एसपी शाही सपरिवार मेले में पहुंचे और हस्तकला से जुड़ी कई तरह के सामानों को खरीदा।

मेले के अंतिम दिन विभिन्न स्कूलों के बच्चों व एनसीसी कैडेट्स ने भी प्रतिभाग किया। वहां लगे स्टॉलों को देखा। खासतौर पर मिट्टी से बने तरह—तरह के आइटम पर सबकी खास नजर बनी रही। जिलाधिकारी श्री शाही भी मेले में समय—समय पर पहुंचते रहे। बेसिक शिक्षा विभाग के स्टॉल समेत सभी स्टालों पर जाकर जरूरी जानकारी लेते रहे। उन्होंने सभी कैडेट्स व स्कूली बच्चों से बातचीत की और यह संदेश दिया कि मिट्टी के दिए जलाने की अलख गांव—गांव जलाने के लिए जागरूक करने में योगदान दें। अंतिम दिन जीजीआईसी स्कूल, एपेक्स स्कूल गड़वार, सेंट जेवियर्स स्कूल धरहरा के बच्चों ने प्रदर्शनी में लगे सामानों को देखा। 


बच्चों का संदेश होगा ज्यादा कारगर: पूनम शाही



बलिया: प्रदर्शनी के अंतिम दिन गुरूवार को स्कूली छात्र—छात्राओं की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इसमें जीजीआईसी की छात्रा अदिति मिश्रा द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय संगीत व वंदना को सबने स्नेह—प्रेम दिया। बतौर मुख्य अतिथि आकांक्षा समिति की अध्यक्ष पूनम शाही ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि स्कूली बच्चों के अंदर जो प्रतिभा दिखी है, वो काबिले तारीफ है। अगर इसी तरह इनको मंच मिलता रहे तो इनकी प्रतिभा में और निखार आएगा। श्रीमती शाही ने स्कूली बच्चों को विशेष जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि इस बार कोई भी कृत्रिम लाइट नहीं जलाएंगे, मिट्टी के दीए से ही घर सजाएंगे। अगर इस संदेश को बच्चे अपने परिवार व आसपास पड़ोस में फैलाएंगे तो यह सबसे अधिक कारगर होगा। लोग जागरूक होंगे और हमारे पर्यावरण, प्रकृति के साथ हस्तशिल्पी कारीगरों का भी संरक्षण हो सकेगा। इस अवसर पर आकांक्षा समिति की सदस्या व एएसपी की पत्नी शीला यादव, डिप्टी कलेक्टर सीमा पांडेय, जीजीआईसी की अध्यापिकाएं व छात्राएं मौजूद थीं।



कत्थक नृत्य, नाटक व लोकगीत ने जीता सबका दिल


बलिया: दीया—बाती प्रदर्शनी के चौ​थे दिन बुधवार की शाम शास्त्रीय संगीत, नृत्य, नाटक व सुरों की महफिल सजी। इस दौरान कत्थक नृत्य, संकल्प संस्था द्वारा प्रस्तुत नाटक और परम्परागत लोकगीत ने वहां मौजूद अधिकारियों व अन्य लोगों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में बंटी वर्मा द्वारा प्रस्तुत 'चिट्ठी आई है' गीत पर सभी अधिकारियों व आम लोगों ने जमकर तालियां समर्पित किया। इसके अलावा संकल्प संस्था की सोनी ने जालियावाला बाग कांड पर आधारित एकल नाटक से सबसे रोंगटे खड़े कर दिए। रंगकर्मी ट्विंकल गुप्ता ने एसिड अटैक पर आधारित मार्मिक नाटक का मंचन किया। वाराणसी से आई स्नेहा डे का कत्थक नृत्य भी सांस्कृतिक कार्यक्रम का सबसे खास लमहा बना दिया। इस पर वहां मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाई। इससे पहले भक्तिगीत से सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए चिंटू सेवक ने बलिया पर आधारित गीत सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। इसके बाद कन्हैया हरिपुरी और विजय प्रकाश पाण्डेय ने गजल व गाय​क हरी हलचल ने लोकगीत व छठगीत पर सबको लुभाया। शगुनी कुशवाहा ने भी नृत्य की प्रस्तुति दी, जबकि बेसिक शिक्षा अध्यापक अनिल मिश्र ने दीए जलाने के प्रति जागरूक करने वाली गीत सुनाई। इस दौरान सीडीओ विपिन कुमार जैन, सीआरओ विवेक श्रीवास्तव, एडीएम रामआसरे, एसडीएम सदर राजेश यादव, डिप्टी कलेक्टर सर्वेश यादव व सीमा पाण्डेय, नायब तहसीलदार जया सिंह व अजय सिंह, यूनियन बैंक मैनेजर अमित सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे।



रिपोर्ट : धीरज सिंह

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