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जिले को मिले 813 शिक्षक, प्रभारी मंत्री ने दिए नियुक्ति पत्र


- *गंगा बहुउद्देश्यीय सभागार में हुआ भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह*


- *नवनियुक शिक्षकों ने पारदर्शी चयन प्रक्रिया पर सरकार का जताया आभार*


बलिया: जिले को 813 नए बेसिक शिक्षक शनिवार को मिल गए। प्रभारी मंत्री अनिल राजभर की अध्यक्षता में शनिवार को गंगा बहुउद्देश्यीय सभागार में आयोजित समारोह में इन नवनियुक्त अध्यापकों को नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया। इसके अलावा विकास भवन के एनआईसी कक्ष में पांच अध्यापकों ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया और वहीं नियुक्ति पत्र प्राप्त किया। संवाद के दौरान चयनित अभ्यर्थियों ने पारदर्शी तरीके से हुई चयन प्रक्रिया पर सरकार का आभार जताया।


बहुउद्देश्यीय सभागार में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री श्री राजभर ने कहा कि शिक्षक का दर्जा भगवान से भी बड़ा होता है। आप सबको यह दुर्लभ अवसर मिला है और इसका सदुपयोग करना है। कोई भी अभिभावक अपने जिगर के टुकड़े को बहुत भरोसा करके भेजता है। बेहतर शिक्षा देकर उसके भरोसे को बनाएं रखें। प्रभारी मंत्री ने आगे कहा कि इस 69 हजार भर्ती में तमाम बाधाएं आईं, लेकिन सरकार ने सच्चाई की लड़ाई लड़ी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तेजी से इस भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया गया। सबसे बड़ी बात कि सब कुछ पारदर्शी तरीके से हुआ। किसी को कहीं सिफारिस की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा समेत कई अभियान चलाकर बेसिक शिक्षा को सुधारा जा रहा है। ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से आप सब जिस स्कूल में जाएंगे, वह चकचक मिलेगा। 


विशिष्ट अतिथि सांसद रविन्द्र कुशवाहा ने कहा कि आप सबने कड़ी मेहनत कर यह मुकाम पाया है। अब बालक-बालिकाओं की प्रतिभाओं को निखारने का सबसे बड़ा दारोमदार आपके ऊपर होगा। सभी शिक्षकों को एक बार फिर शुभकामना देते हुए देश को समृद्धशाली बनाने में अहम योगदान देने की बात कही। बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षक रूपी जीवन ही सौभाग्यशाली होता है। आवाह्न करते हुए कहा, इंसान बनाने का श्रेष्ठ दायित्व शिक्षक को ही मिला है और ईमानदारी से इसका निर्वहन करना चाहिए। डीएम श्रीहरि प्रताप शाही ने कहा कि बेहतर शिक्षा देने के लिए तीन चीजें रुचि, जरूरी ज्ञान और सम्बन्धित क्षेत्र में कौशल सबसे जरूरी है। बेसिक शिक्षा में सुधार के लगातार प्रयास हो रहे हैं, लेकिन आपकी रुचि के बिना यह सम्भव नहीं है। अंत में बीएसए शिवनारायन सिंह ने सबके प्रति आभार जताया। साथ ही नए अध्यापकों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में सीडीओ विपिन जैन, भाजपा जिलाध्यक्ष जेपी साहू, महामंत्री प्रदीप सिंह, बेसिक शिक्षा समन्वयक नुरुल हुदा, अनिल सिंह सेंगर, आनंद मिश्रा, राजेश सिंह, प्रशांत पांडेय, अनुपम शुक्ल, उपेंद्र सिंह, अम्बरीष तिवारी, आशुतोष तोमर व सभी बीईओ थे। संचालन अब्दुल अव्वल ने किया।


*एनआईसी में हुआ संवाद कार्यक्रम, सीएम ने दिए यह संदेश*


बलिया: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित अपने आवास से नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का उद्घाटन बटन दबाकर किया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दिए संदेश में उन्होंने कहा, आशा है कि सभी शिक्षक पूरी तन्मयता से काम करेंगे और बेसिक शिक्षा का अच्छा कायाकल्प होगा। इस सुअवसर का लाभ लें और शासन की मंशानुरूप बेहतर शिक्षा बच्चों को दें। सभी योग्य अध्यापक हैं और छात्रों का भविष्य सँवार कर अपनी इस योग्यता का लाभ देश को दें। बेहतर शिक्षा से देश की आधारशिला मजबूत होगी और देश प्रगति के रास्ते पर बढ़ेगा। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने ऐतिहासिक भर्ती के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार जताया और नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई दी। साथ ही पठन-पठन में सुधार के लिए तैयार की जा रही योजनाओं को बताया।


*74 चयनितों ने नहीं कराई थी कॉउंन्सिलिंग, अर्हता की वजह से 22 का रुका*


भर्ती प्रक्रिया के बाद जिले को 909 अध्यापक जिले को मिले थे, लेकिन इनमें 813 को नियुक्ति पत्र दिया गया। वजह कि 74 चयनितों ने कॉउंन्सिलिंग में प्रतिभाग नहीं किया, जबकि 22 अभ्यर्थियों का फाइनल चयन किसी न किसी कारणवश रुका हुआ है। विकास भवन के एनआईसी में प्रभारी मंत्री ने नवनियुक्त शिक्षक रुपाली गुप्ता, नवीन कुमार यादव, आदित्या सिंह, विभा सिंह को नियुक्ति पत्र दिया। 


*परिषदीय विद्यालय से ही पढ़े हैं चयनित अभ्यर्थियों में 50 फीसदी*


कार्यक्रम के बीच जिलाधिकारी श्री शाही ने चयनित अभ्यर्थियों से पूछा कि इनमें कितने लोग ऐसे हैं जो प्राथमिक विद्यालय में पढ़े हैं। इस पर तकरीबन 50 फीसदी नए अध्यापकों ने हाथ उठाया। फिर मंच पर उपस्थित अतिथियों से पूछा तो सभी ने हाथ उठाया। जिलाधिकारी ने कहा कि यह पूछने का आशय यह बताना था कि परिषदीय विद्यालय में पढ़ाई किसी कान्वेंट से कम नहीं है। इसलिए सभी नवनियुक्त अध्यापक यह संकल्प लें कि जहां से शिक्षा पाकर इस मुकाम तक पहुंचे हैं वहां पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।



रिपोर्ट : धीरज सिंह

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