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स्वास्थ विभाग की उदासीनता की कीमत आखिरकार कब तक जान देकर चुकाएं मरीज हुजुर


रसड़ा (बलिया) एक तरफ़ सरकार सबका साथ सबका विकास के तहत पढाई लिखाई दवाई व लोगों को स्वास्थ्य के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहीं हैं तो दूसरे स्वास्थ्य विभाग मरीजों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए कितना संवेदनशील है इसका सहज ही अनुमान रसड़ा रेफरल स्वास्थ्य केंद्र के वर्तमान स्थिति को देखकर लगाया जा सकता है।  इस महत्वपूर्ण अस्पताल की हालत यह है कि  मरीजों को इलाज के नाम पर उनके जान से आयें दिन खिलवाड़ ही किया जा रहा है। वैसे तो यहां वर्षों से यहां एमडी व विषेषज्ञ चिकित्सकों की कमी रही है नतीजा यह हो रहा है कि लोग इलाज के लिए आ तो रहे हैं किंतु अच्छी चिकित्सा व्यवस्था का अभाव के कारण आए दिन उन्हें मऊ, वाराणसी आदि को जाना पड़ रहा है और तो और इस महत्वपूर्ण अस्पताल पर कागजों में आक्सीजन हर समय उपलब्ध है मगर गंभीर मरीजों के समय आक्सीजन तो छोडिये हुजूर स्टेचर  नहीं मिल पाता  है ।

 इस विकट समस्या से बार बार  मुख्य चिकित्साधिकारी बलिया का ध्यान आकृष्ट कराया जाता है उदासीनता व लापरवाही का हाल बयां करने के लिए काफी हैं।

यह अस्पताल तीन जनपदों का प्रतिनिधित्व करता है। रसड़ा क्षेत्र सहित गाजीपुर के आंशिक क्षेत्रों के अलावा मऊ जनपद के रतनपुरा, पकवाइनार, चिकलहर के अतिरिक्त लाखों की आबादी वाले रसड़ा की स्वास्थ्य रक्षा करता चला आ रही है किंतु विभागीय उदासीनता व राजनीतिक पहल के अभाव में यह अस्पताल आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है जो किसी भी सूरत में रसड़ा के लोगों व मरीजों के लिए ठीक नहीं है।

जिसका जिता जागता उदाहरण शनिवार की सुबह10 बजे का है ।

दो बाइक की आमने सामने कि टक्कर में दोनो लहुलूहान आनन फानन में गाजीपुर जनपद के ग्रामीणों ने  रसड़ा सीएचसी पहुचाया जहाँ हल्का उपचार कर तुरन्त रेफर किया गया।

बुटन यादव उम्र 30 वर्ष पुत्र पलिता यादव निवासी सिवरीअमहट नवपुरा थाना बलेसर जनपद गाजीपुर।

सुग्रीव पासवान उम्र 23 वर्ष पुत्र प्रभुनाथ यादव गांव बहादुर गंज बाका थाना कासिमाबाद।

दोनों को उपचार कर तत्काल रेफर किया गया।

हालांकि बताते चलें कि इस अस्पताल पर कागजों में 36 स्टाप है जिसमें आठ  चिकित्सक 16 संविदा 7 आऊट सोर्सिंग उसके बावजूद भी इलाज के अभाव में आये दिन मरीजों को रेफर कर दिया जाता हैं।

हालांकि इस खबर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पक्ष जानने की कोशिश किया मगर सम्पर्क नहीं हो सका ।



पिन्टू सिंह

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