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नृत्य करने के विवाद में दो दर्जन लोगो ने गांव में बोला धावा, नौ लोग घायल,दो की हालत गंभीर

 


बेल्थरारोड, बलिया। नगरा थाना क्षेत्र के नरहीं ग्राम पंचायत के हरदेला पकडी मौजे के राजभर बस्ती में पुरुष व महिलाएं गुरुवार को सुबह जब खेती व घरेलू कार्य में व्यस्त थीं उसी समय दो दिन पुरानी रंजिश को लेकर मझौंवा यादव बस्ती के दो दर्जन लोगों ने लाठी डंडे के साथ धावा बोल जम कर मारपीट की। इस घटना में छः महिलाओं सहित नौ लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल पीएचसी पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने दो घायलों को सदर अस्पताल बलिया के लिए रेफर कर दिया है। शेष का उपचार पीएचसी पर चल रहा है। तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है।

                हरदेला पकडी राजभर बस्ती निवासी राजेंद्र राजभर की लडकी की शादी 15 दिसम्बर को थी। रात में आर्केस्टा का नृत्य चल रहा था, इसी दौरान मझौंवा गांव के युवक भी नाच देखने पहुंचे थे। इस दौरान स्टेज पर नाचने को लेकर विवाद हो गया। उसी रात हरदेला पकडी के दो युवकों की पिटाई कर दी गई । उसी दिन से दोनों पक्षों में रंजिश चल चल रही थी। गुरुवार को सुबह मझौंवा के दो दर्जन लोग लाठी, डंडे, फावडा, हाॅकी से लैस होकर हरदेला पकडी पर धावा बोल दिया। इस दौरान जो जहां मिला उसी को पीटा और घरों में तोड फोड की गई। मारपीट की घटना के समय करीब दो सौ लोग तमाशबीन बने रहे।घटना की सूचना मिलते ही नगरा सहित कई थानों की फोर्स पहुंच कर हमलावरों को खदेडा। इस घटना में एक ही पक्ष के 16 वर्षीय सत्येंद्र,40 वर्षीय रुनिया देवी, 18 वर्षीय अनूप कुमार,14 वर्षीय प्रमोद राजभर,40 वर्षीय गीता,21 वर्षीय रंजन देवी,36 वर्षीय विमला देवी,30 वर्षीय हेवंती,70 वर्षीय अनुरागी देवी घायल हो गए। इसमें सत्येंद व रुनिया देवी को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया है।


 पुलिस सक्रिय रहती तो नहीं होती यह घटना


बेल्थरारोड, बलिया।कभी-कभी छोटी घटनाएं भी पुलिस की लापरवाही से बड़ी बन जाती हैं। लगता है नगरा पुलिस ने बछईपुर की घटना से सबक नहीं लिया। पुलिस सक्रिय रहती तो नरहीं हरदेला पकड़ी में यह घटना नहीं होती। 15 दिसंबर को गांव निवासी राजेंद्र राजभर की लड़की की शादी में आर्केस्ट्रा आया हुआ था। मझौंवा के युवकों ने स्टेज पर नाचने को लेकर बवाल कर दिया था। जब लड़की के घर वालों ने मना किया तो मारपीट की गई। लड़की के भाई अरविद राजभर ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस गई भी लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन ही मिला। अरविद ने बताया कि 16 दिसंबर को सुबह भी उसने पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया था कितु पुलिस ने सुविधा शुल्क की मांग की। हमारे प्रार्थना पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की लापरवाही से दूसरे पक्ष के युवकों का हौसला बढ़ता गया।

                                  

संतोष द्विवेदी

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