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प्रेम और एकता का प्रतीक खेल, बाँसडीह पुलिस ने आम लोगों के साथ खेला वालीबाल


बाँसडीह, बलिया : वैसे भी भागदौड़ की जिंदगी में खेल कोई भी हो लुप्त होते जा रही है। आम - जन के साथ मित्रवत व्यवहार रखना पुलिस के लिए जरूरी है। वहीं कोरोना संक्रमण का दौर हो या  कभी भी पुलिस की चौबीस घण्टा ड्यूटी होने से मौका नही मिलता। ऐसे में वालीबाल ही एक ऐसा खेल है कि जिससे शरीर में स्फूर्ति आ जाती है।

" खेल ही एक जगह है जिसमें आपसी कटुता मिट जाती है , प्रेम का सद्भाव दिखता है - कोतवाल , 

बाँसडीह कोतवाली परिसर में वालीबाल होना इलाका के लिए अच्छा सन्देश है। दरअसल गांवों में मैदान के बिना फुटबाल, वालीबाल , लगभग बन्द है। अपवाद में कुछेक गांवों में खेल खेलते हुए युवा दिखते हैं। गुरुवार को पुलिस और आम लोगों के साथ वालीबाल का आयोजन हुआ।इसमें बलिया स्टेडियम और ग्राम शीतल दवनी थाना बाँसडीह रोड के साथ  मिश्रित टीम थी ।वही दूसरी तरफ कोतवाली बांसडीह की पुलिस टीम थी। जिसमें 3 सीटों का मैच था जिसमें कोतवाली बाँसडीह पुलिस की टीम 2 सीट जीतकर विजेता बनी है। पहले राउंड में कोतवाली बांसडीह 25 दूसरी टीम का स्कोर अट्ठारह ,दूसरे सेट में कोतवाली बांसडीह  19 दूसरी टीम का स्कोर 25, तीसरे सेट में कोतवाली बांसडीह 25 दूसरी टीम का 23 ने बनाया।इस तरह बाँसडीह कोतवाली बिजयी घोषित हुई।

कोतवाल राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कम जगह तथा कम समय में वालीबाल का गेम हो जाता है।  हम पुलिस कर्मी समय निकाल कर वालीबाल खेलते हैं। लेकिन  खेल ही एक ऐसा जगह है जिसमें आपसी कटुता मिट जाती है , प्रेम का सद्भाव दिखता है। ऐसे में आम लोगों के साथ मित्रवत व्यवहार रखने का भी निर्देश है। जिसे हम खेल के माध्यम से भी युवाओं के साथ जुड़कर इलाका में शांति कायम रखने का सन्देश दे सकते हैं। पुलिस सबकी मित्र है। क्षेत्र खुशहाल रहे , शांति कायम रहे , गलत कार्यों से लोगों दूरी बनाए रखें। यह भी लोगों से अपील रहती है। खेल को खेल की भावना से खेला जाय तो अच्छा लगता है। यही वजह है कि आम लोगों के साथ वालीबाल का आयोजन किया गया।टीम में मृत्युंजय सिंह,संजय यादव,अजित,संतोष ,चन्दन,शशिकांत सिंह आदि रहे।

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