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जानें दिशा, शांतनु और निकिता कौन है क्यो हुई इनकी गिरफ्तारी, आखिर टूलकिट है क्या


नई दिल्ली : पुलिस ने बताया कि दस्तावेज 'टूलकिट' का लक्ष्य भारत सरकार के प्रति वैमनस्य और गलत भावना फैलाना और विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक समूहों के बीच वैमनस्य की स्थिति पैदा करना है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को आरोप लगाया कि जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि ने दो अन्य संदिग्धों निकिता जैकब और शांतनु के साथ मिलकर किसानों के विरोध प्रदर्शन से संबंधित ‘‘टूलकिट'' दस्तावेज बनाया और सोशल मीडिया पर साझा किया।

पुलिस ने दावा किया था कि बेंगलुरु से शनिवार को गिरफ्तार की गई दिशा ने टेलीग्राम ऐप के माध्यम से जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को ‘‘टूलकिट'' भेजी थी। ‘टूलकिट' में ट्विटर के जरिये किसी अभियान को ट्रेंड कराने से संबंधित दिशानिर्देश और सामग्री होती है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (साइबर) प्रेम नाथ ने संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि दिशा ने ‘‘टूलकिट'' फैलाने के लिए बनाए गए एक व्हाट्सएप समूह को हटा दिया था। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर ‘‘टूलकिट'' कथित तौर पर साझा करने के लिए जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं। 

नाथ ने दावा किया कि निकिता और शांतनु ने ‘खालिस्तान समर्थक समूह' पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (पीएफजे) द्वारा ऑनलाइन जूम ऐप के माध्यम से आयोजित एक बैठक में भाग लिया और कहा कि जैकब भी ‘‘टूलकिट'' दस्तावेज बनाने वालों में से एक था। उन्होंने कहा, ‘‘दिशा, शांतनु और निकिता ने टूलकिट का निर्माण और संपादन किया। दिशा ने टेलीग्राम ऐप के जरिए ग्रेटा थनबर्ग को टूलकिट भेजी।दिशा ने उस व्हाट्सएप समूह को हटा दिया जो उसने टूलकिट को प्रचारित करने के लिए बनाया था। दिशा की गिरफ्तारी के दौरान विधिवत प्रक्रिया का पालन किया गया है।'' यहां की एक अदालत ने रविवार को दिशा को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।



डेस्क

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