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आरक्षण सूची ने क्षेत्र के राजनैतिक गलियारों में चुनावी चर्चाओं का बाजार किया गर्म



मनियर, बलिया । पंचायत चुनावों के अंतर्गत ब्लाक प्रमुख पद हेतु जारी सम्भावित आरक्षण सूची ने क्षेत्र के राजनैतिक गलियारों में चुनावी चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। चर्चाओं के अनुसार सम्भावित आरक्षण सूची जारी होने के कारण कई संभावित दावेदार ने बिना लड़े ही चुनावी समर से बाहर हो गए । इनमें से कुछ चेहरे ऐसे भी थे जिनका क्षेत्रीय राजनीति में  अपना एक इतिहास भी रहा है और जो चुनाव से पहले ही अपने समर्थकों के बीच अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थे और इसी के अनुरुप अपनी तैयारियों  को अंतिम रुप देने में रात-दिन एक किए हुए थे।व अपने सामर्थ के अनुसार अपनी अपनी जीत हांसिल करने के मोटी रकम समाज मे  खर्च भी किये । मगर जारी आरक्षण सूची ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया है। गौरतलब हो कि जिले के 17 ब्लाकों के लिए जारी आरक्षण सूची के अनुसार मनियर ब्लाक पिछड़ा वर्ग महिला के लिए  आरक्षित हो गई है। इस वजह से लोगों की निगाहें अब फिर से नए संभावित दावेदारों पर टिक गई है। जानकारों के अनुसार  ब्लाक राजनीति में दबदबा रखने वाले चेहरों के चुनावी समर से बाहर हो जाने के कारण चर्चा अब इस बात पर भी होने लगी है कि नए समीकरणों के तहत राजनैतिक समीकरण क्या बनते हैं? चट्टी चौराहों व चाय की दुकानों से लेकर आपसी बातचीत पर ध्यान दिया जाए तो ये ब्लाक राजनीति के इतिहास में शायद पहली बार है जब ब्लाक प्रमुखी चुनावों चर्चा में नगर पंचायत की राजनीति पर भी जमकर चर्चा हो रही है। कारण कि पिछले नगर पंचायत चुनाव के दौरान आरक्षण नियमों के तहत मनियर नगर पंचायत की सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो गई थी । ऐसे में अचानक बदले राजनैतिक समीकरणों के कारण प्रमुख संभावित दावेदारों ने अपना समर्थन देकर प्रत्याशी मैदान में उतारा था । ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि नए नियमों के तहत ब्लाक प्रमुख चुनावों में दावेदारी कौन -कौन प्रस्तुत करता है?



रिपोर्ट : राममिलन तिवारी

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