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संत विश्वनाथ दास सेनानी, शिक्षाविद के साथ क्षेत्र के मालवीय थे : अशोक पाठक

 


रेवती (बलिया) क्षेत्र के पचरूखा गांव निवासी स्वतंत्रता सेनानी संत विश्वनाथ दास की 101वीं जयंती समारोह सादगी पूर्वक मनायी गयी । पी डी इन्टर कालेज गायघाट में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए बत्तौर मुख्य अतिथि विद्यालय के प्रबंधक अशोक कुमार पाठक ने कहा कि स्व. संत जी शिक्षाविद के साथ क्षेत्र के मालवीय थे। आज उनके शिक्षा के प्रति किये गये योगदान के रूप में पी डी इन्टर कालेज गायघाट सहित कई अन्य विद्यालय मौजूद है । वे पूर्व मंत्री स्व. बच्चा पाठक के राजनीतिक गुरू थे । लोगों की सेवा के लिए आजीवन समर्पित रहे।  लोगों से उनका सेवा कार्य देखा नही गया व उनकी हत्या कर दिये। किन्तु आज मर कर भी संत जी अमर है , अमर रहेंगे । 

अपने संबोधन में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद गांधी ने कहा बहुत से लोग आये गये उन्हें  कोई जानता तक नहीं किन्तु जो मानव जाति के लिए कार्य किया हो उसके किये गये कर्म की सभी याद करते है । समारोह को प्रधानाचार्य के डी मिश्र, मदन पांडेय, राम राज तिवारी, सुरेद्र सिंह, राम प्रताप तिवारी,  रंजीत ओझा आदि ने संबोधित किया । समारोह से पूर्व मठिया गढ़ी सेवा आश्रम स्थित संत विश्वनाथ दास की आदम कद प्रतिमा पर मुख्य अतिथि श्री पाठक सहित सुभाष मिश्र, धूरी सिंह राय आदि ने माल्यार्पण किया । अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य डाॅ शत्रुघ्न पांडेय व संचालन मेजर धनंजय सिंह ने किया । 

इसी क्रम में संत विश्वनाथ दास बालिका उ. मा. विद्यालय पचरूखा में आयोजित समारोह को बत्तौर मुख्य अतिथि सपा नेता रणजीत चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा कि स्व. संत जी सेनानी के साथ बहुत बड़े शिक्षाविद व समाजसेवी थे। समाजसेवा के चलते उन्होंने शादी नहीं की। काफी लोगों को रोजी व रोजगार दिया । उन्हीं के साथ रहने वाले कुछ लोगों ने विश्वासघात कर उनकी हत्या कर दी ।  समारोह को प्रधानाचार्य अभिलाषा प्रिया, प्रियंका सिंह, स्वेता यादव , सपा नेता पप्पू पांडेय, समाजसेवी मांडलू सिंह, प्रमोद उपाध्याय आदि ने संबोधित किया । अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य उदय सिंह तथा संचालन पूर्व जिला पंचायत के सदस्य राना प्रताप यादव दाढ़ी ने किया ।


पुनीत केशरी

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