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71 गेहूं क्रय केंद्रों पर एमएसपी 1975 रुपये पर होगी खरीद



रिपोर्ट : धीरज सिंह


- *धान खरीद में लक्ष्य के मुकाबले रिकॉर्ड 107 फीसदी की हुई खरीद


- *किसान को किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसके प्रति जिलाधिकारी सख्त


बलिया: किसानों को सुविधाजनक तरीके से अपनी फसल की बिक्री करने के लिए सरकार ने तमाम व्यवस्था लागू की है। धान खरीद में लक्ष्य के मुकाबले रिकार्ड 107 फीसदी खरीद करके और किसानों को समय से भुगतान कर देने के बाद अब गेहूं खरीद पर विपणन विभाग का पूरा ध्यान है। इस बार गेहूं खरीद के लिए 71 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। 


डिप्टी आरएमओ अविनाश चंद्र ने बताया कि गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये निर्धारित किया गया है, जिसकी खरीद 1 अप्रैल से 15 जून तक होगी। हालांकि शासन की ओर से जिले का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है, इस अवधि में जो भी किसान केंद्र पर आएंगे उनकी खरीद की जाएगी। बिचौलियों से मुक्ति दिलाने के लिए ई पोस मशीन का प्रयोग कर सीधे किसानों के माध्यम से खरीद की जा रही है। भुगतान सीधे उनके खाते में 72 घंटे के अंदर भेजा जाएगा। किसी एक जगह अनावश्यक भीड़ ना हो, इसके लिए गांवों का संबद्धिकरण कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि किसानों को कोई समस्या ना हो, इसलिए उनकी शिकायत के निस्तारण के लिए हमेशा की तरह कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 18001800150 तथा जिला खाद्य विपणन अधिकारी एवं संबंधित तहसील के एसडीएम के नंबर पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा रहेगी।


*तीन सरकारी क्रय केंद्र पर हुई मक्का की खरीद*


डिप्टी आरएमओ अविनाश चंद्र ने बताया कि इस वर्ष जिले में मक्का खरीद के लिए तीन सरकारी क्रय केंद्र बनाए गए थे, जिन पर 283 किसानों से 972.700 मीट्रिक टन की खरीद की गई। शासन की ओर से मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1850 निर्धारित किया गया था जिसकी खरीद 1 नवंबर से 15 जनवरी तक की गई। 

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*प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को मिली बड़ी राहत*


बलिया: जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत अपनी फसल का बीमा कराया था, उनको फसल नुकसान होने की दशा में सीधे खाते में प्रतिपूर्ति भेजकर राहत प्रदान की गई। उप निदेशक कृषि ने बताया कि जनपद में खरीफ 2020 में 37145 किसानों द्वारा फसल बीमा कराया गया। खरीफ के मौसम में आई बाढ़ एवं आपदा से प्रभावित क्षेत्रों का जनपद स्तर पर गठित समिति द्वारा सर्वेक्षण पूर्ण कर सत्यापन रिपोर्ट बीमा कम्पनी को प्रेषित किया गया। खरीफ में मुख्य रूप जनपद में धान एवं मक्के की खेती की जाती है। जनपद हेतु नामित बीमा कम्पनी एपीकल्चर इंश्योरेन्स कम्पनी ऑफ इण्डिया लिमिटेड द्वारा सर्वेक्षण रिपोर्ट एवं क्रॉप कटिंग के आंकड़ों के आधार पर जनपद में कुल 470 कृषकों को 59.20 लाख की क्षत्तिपूर्ति कृषकों के बैंक खाते में प्रदान की गयी है।

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