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रुद्र महायज्ञ : एक बार भूपति मनमाही, भै गलानि... संत बालक दास



रतसर (बलिया) क्षेत्र के जनऊपुर गांव स्थित हुलहुल बाबा मन्दिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ एवं रामकथा के पांचवे दिन भक्तों ने यज्ञ कुण्ड में 22 हजार रुद्र की आहुतियां डाली। यज्ञाचार्य पं० यज्ञेश उपाध्याय, पं० गनेश तिवारी, पं०ओम शंकर उपाध्याय, पं० अनूप मिश्रा एवं यज्ञकर्ता अनाम दास जी महाराज के द्वारा किए जा रहे वैदिक मन्त्रों के उच्चारण से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। इस दौरान प्रवचन, रामलीला एवं रासलीला कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। सान्ध्य बेला में कथावाचक संत बालक दास जी ने रामजन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि एक बार भूपति मनमाही, भै गलानि मोरे .... की व्याख्या बहुत ही सुन्दर एवं रोचक तरीके से सुनाया। श्रीसंत ने कहा कि राजा दशरथ ने पुत्र की कामना लिए गुरु वशिष्ठ से भविष्य की बात बताने की याचना की। इस पर वशिष्ठ ने पुत्रेष्टि यज्ञ का सुझाव दिया। शृंगि ऋषि ने यज्ञ को पूर्ण कराया। यज्ञ देवता प्रकट हुए और गुरु वशिष्ठ को खीर प्रदान की। खीर का आधा हिस्सा रानी कौशिल्या ने ग्रहण किया। शेष का एक चौथाई हिस्सा रानी कैकेई को दिया गया। शेष एक चौथाई हिस्से को दो भाग में बांटकर कौशिल्या व कैकेई ने सुमित्रा को दिया। नियत समय पर अयोध्या में भगवान राम प्रकट हुए। उस वक्त धरती पर खुशहाली छा गई। देवताओं ने आकाश मार्ग से पुष्प वर्षा की। वहीं वृन्दावन बरसाने से आयी रास मण्डली के कलाकारों द्वारा रासलीला में भगवान कृष्ण और मित्र सुदामा की लीला का मंचन किया गया। इसे देखकर श्रोताओं की आंखो से अश्रुधारा बहने लगी। यज्ञ परिसर के निकट भव्य मेला एवं सौन्दर्य प्रसाधन की दुकानें आकर्षक ढंग से सजी हुई है जहां पर हजारों लोग खरीददारी करते देखे जा रहे है। यज्ञ के सफल संचालन में पिन्टू सिंह चौहान, बीएसएस के राजेश कुमार मिश्रा, शिव जी गुप्ता, चन्दन ऊर्फ मंटू, सुखेन्द्र चौहान, हृदयानन्द पाण्डेय, मिथिलेश पाण्डेय, राधेश्याम पाण्डेय, राकेश पाण्डेय आदि मौजुद रहे।


रिपोर्ट : धनेश पाण्डेय

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