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राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने किया संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारम्भ

 


निकाली गयी जन जागरूकता रैली

31 जुलाई तक चलेगा अभियान

बलिया : संसदीय कार्य एवं ग्राम्य विकास राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने वृहस्पतिवार को जिला चिकित्सालय के प्रांगण में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारम्भ किया । यह अभियान पूरे जुलाई माह चलेगा, जिसके तहत मच्छर जनित रोगों से बचाव एवं संचारी रोग जैसे मष्तिक ज्वर, कालाजार, मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू, फाइलेरिया, जेई, एईएस आदि को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न विभागों के द्वारा गतिविधियां संपादित की जायेगी । 

राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने कहा - मुख्यमंत्री जब गोरखपुर के सांसद थे । तब वहां दिमागी बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या काफी ज्यादा थी तथा उनकी मृत्यु दिमागी बुखार (जापानी इंसेफलाइटिस) से हो जाती थी । इसके निराकरण के प्रयास में उन्होंने संचारी रोग कार्यक्रम अभियान की शुरुआत की, जिसके परिणामस्वरूप दिमागी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या में काफी गिरावट दर्ज की गई । अभियान की सफलता के बाद संचारी रोग कार्यक्रम को नियमित तौर पर चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत जन जागरूकता पहली प्राथमिकता है । उन्होने जनपदवासियों से अपील की है कि सभी अपने घरों के आसपास गंदगी एवं जलजमाव न होने दें । साफ- सफाई का विशेष तौर पर ध्यान रखें । शौचालय का इस्तेमाल करें, खुले में शौच से परहेज करें, शुद्ध जल का सेवन करें जिससे संचारी रोगों से बचाव हो सके। सरकार का प्रयास है कि संचारी रोगों से होने वाली मृत्यु को शून्य किया जाए ।

   इस अवसर पर संसदीय कार्य एवं ग्राम्य विकास राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० राजेन्द्र प्रसाद ने हरी झंडी दिखाकर जन जागरूकता रैली को रवाना किया । इस रैली के तहत ‘हर रविवार मच्छर पर वार’, ‘एक से लेकर 31 जुलाई संचारी रोगों से लड़ें लड़ाई’, ‘हम सबने यह ठाना हैं संचारी रोगों को भगाना है’, ‘जन-जन का यही हो नारा डेंगू मुक्त हो शहर हमारा’, ‘सभी रोगों की एक दवाई घर में रखें साफ सफाई’ आदि नारे जन जागरूकता रैली में लगाये गए।

   अभियान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, नगर निगम/शहरी विकास, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, दिव्यांग कल्याण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग, स्व्च्छ भारत मिशन, सूचना विभाग, संस्कृति विभाग एवं चिकित्सा व शिक्षा विभाग की सहभागिता होगी । अभियान में स्वास्थ्य विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है जिसका कार्य संचारी रोगों तथा दिमागी बुखार के मामलों की निगरानी करना, रोगियों के उपचार की व्यवस्था करना, रोगियों के निःशुल्क परिवहन के लिए रोगी वाहन सेवा की व्यवस्था करना, वाहक नियंत्रण गतिविधियाँ यथा ग्रामीण क्षेत्रों में वाहक के घनत्व का आकलन करना, स्रोतों में कमी लाना, लार्वारोधी गतिविधियाँ तथा मॉनिटरिंग, पर्यवेक्षण और विश्लेषण करना है। 

   इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 बी0 पी0 सिंह , अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं नोडल अधिकारी वेक्टर बार्न डॉ जे०आर० तिवारी, डॉ० मिथिलेश सिंह ,कार्यवाहक जिला मलेरिया अधिकारी ड़ॉ० नीलोत्पल कुमार, पी सी आई के विकास द्विवेदी, मलेरिया इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार पाण्डेय, सुशील कुमार तिवारी एवं समस्त चिकित्सक व संचारी रोग विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।



रिपोर्ट : धीरज सिंह

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