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जब डाक्टरों ने खड़े किए तब मां के प्रसाद ने दिखाया चमत्कार, ठीक हुईं लाइलाज बीमारी

 


बलिया। इसे चमत्कार करें या मां काली की कृपा, लेकिन हैं हकीकत...। तभी तो बिहार प्रांत के सिवान जनपद के सिवान पकौलिया गांव निवासी सीता देवी पत्नी बब्बन चौधरी गाल ब्लाइडर के कैंसर से पीड़ित थी, डाक्टरों ने उसे  कुछ ही दिनों का मेहमान बताया था. लेकिन पकड़ी धाम स्थित मां काली के प्रसाद और पुजारी रामबदन भगत द्वारा दी गई जड़ी बूटियों के सेवन से ना सिर्फ वही स्वस्थ्य हो गई बल्कि अब सामान्य जीवन व्यतीत कर रही है।


अपनी व्यथा सुनाते हुए सीता देवी बताती हैं कि डेढ़ वर्ष पूर्व अचानक पेट में दर्द हुआ। शुरुआती दिनों में तो उन्होंने इसे हल्के में लिया और पहले सिवान फिर पटना के डॉक्टरों से उपचार कराया, लेकिन बीमारी ठीक होने की बजाए लगातार बढ़ती जा रही थी।


इसके बाद उन्होंने दर्द के उपचार के लिए कई चिकित्सकों से उपचार कराया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। उम्मीद की किरण तो तब धूमिल होती दिखी जब डॉक्टरों  ने कहा कि  यह बीमारी जीवन का अंत कर देगी। इसी दौरान उन्हें  किसी ने पकड़ी धाम स्थित मां काली मंदिर की महिमा के बारे में बताया और वहां जाकर मां की स्तुति करने की सलाह दी। परिजन सीता को लेकर पकड़ी धाम स्थित काली मंदिर पहुंचे और मंदिर के पुजारी और मां काली के अनन्य उपासक रामबदन भगत से अपनी समस्या बताई। उनकी व्यथा सुन पुजारी ने पहले उन्हें मां का प्रसाद दिया और फिर मां से अपनी अर्जी लगाने और औषधियों के नियमित सेवन की बात कही। सीता बताती हैं कि इसके बाद मानों चमत्कार सा हुआ, बेटी की जिस पीड़ा के निदान के लिए वह सिवान समेत तमाम बड़े शहरों के डॉक्टरों के यहां चक्कर लगाई और निराश होकर लौट आए वह पकड़ी धाम स्थित मां काली के मंदिर में आते ही छूमंतर हो गई।



 

डेस्क

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