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विकास से कोसो दूर है शोभनाथपुर गांव

 


रेवती (बलिया ) भारत गांवों का देश है । केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा गांवों के विकास के लिए काफी योजनाएं चलाई जा रही है । किंतु प्रशासनिक उदासीनता के चलते स्थानीय विकास खंड का शोभनाथपुर ग्राम सभा आजादी के इतने दशक बाद भी विकास से कोसो दूर है । खडंजा, नाली व जल निकास के अभाव में ग्रामवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । 

ग्राम सभा की आबादी लगभग 3000 है । यहां कुशवाहा , तुरहा , यादव , चौहान आदि पिछड़ी जाति के लोग परस्पर सौहार्द पूर्वक रहते आ रहे है। ग्राम सभा में शोभनाथपुर , कुसौरीखुर्द व पटखौली तीन पुरवा (गांव) सम्मिलित है। गांव की प्रसिद्धि शोभनथही माता के 250 वर्ष पुराने मंदिर से है। जहां शारदीय व चैती नवरात्र के अलावे वर्ष पर्यन्त लोगो का दर्शन पूजन के लिए आवागमन लगा रहता है । 

रेवती कुसौरीकला संपर्क मार्ग से गांव तक आने जाने के लिए एक कि मी कच्चा रास्ता है । शोभनाथपुर के पूर्व प्रधान मदन लाल वर्मा एडवोकेट बताते है कि तीन दशक पूर्व यही एक संपर्क मार्ग बना तब से आज तक इसकी मरम्मत न होने से ग्रामीणों व श्रद्धालुओं को मंदिर व गांव तक आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है । राम जी तुरहा बताते है कि पटखौली पुरवा में रास्ता की कौन कहे घरो तक बाईक लाने के लिए रास्ता तक नही है। पूरे गांव में आने जाने के लिए संपर्क मार्ग के अभाव में कच्चा व पगडंडी से होकर लोग आते जाते है । 

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गांव का काया कल्प के लिए बन रही है योजना - प्रधान 

शोभनाथपुर के नव निर्वाचित बी टेक , एम बी ए पास युवा प्रधान अमित वर्मा ने बताया कि आजादी के बाद विकास की दौड़ में गांव अब तक उपेक्षित रहा है । गांव के कायाकल्प के लिए योजनाएं तैयार की जा रही है। नाली , खडंजा , आरसीसी व जल निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करना मेरी प्राथमिकता है । पंचायत भवन ऐसा बनेगा जो पूरे ब्लाक में मिशाल की तरह हो । इसके लिए हम लोग अपनी पैतृक जमीन भी दे रहे है । शिक्षा के लिए अपने स्तर से बच्चो को प्रोत्साहित करने का कार्य शुरू किया जा रहा है । मनरेगा , राज वित्त आदि जितनी योजनाएं चल रही है उसका लाभ गांव की हरेक जनता को मिले ऐसा प्रयासरत हू ।


पुनीत केशरी

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