Breaking News

Akhand Bharat

सनबीम बलिया ने दी 93वीं बटालियन के सी ओ कर्नल डी एस मलिक को विदाई


रिपोर्ट : धीरज सिंह


बलिया : स्थानान्तरण एक स्वाभाविक प्रक्रिया है पर कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जो कम समय में भी अपने व्यक्तित्व की एक अमिट छाप छोड़ जाते हैं। उन्ही मे से एक हैं बलिया के 93 वीं बटालियन के सी ओ कर्नल डी. एस. मलिक। 

 कहते हैं कि मिलन का समय जितना हर्षोदायक होता है विदाई का समय उतना ही करुणा उत्पन्न करने वाला होता है। व्यक्ति विशेष के साथ बिताए अपने समस्त सुखद एवं दुखद पलों को याद कर व्यक्ति भावुक हो जाता है। 

    आज दिनांक  17/8/21 को बलिया में अगरसंडा स्थित सनबीम स्कूल में एन सी सी ( नेशनल कैडेट कोर) के वर्तमान सी ओ कर्नल डी. एस. मलिक को उनके पद स्थांतरण पर अत्यंत हर्ष एवं नम आंखों के साथ  स्मृति चिन्ह तथा पुष्प गुच्छ प्रदान कर विदाई दी गई। विदित हो कि कर्नल मलिक बलिया के एन सी सी के 93 वी बटालियन के  कमांडर ऑफिसर के पद पर कार्यरत रहे है तथा वर्तमान में उनका स्थानांतरण उनके ही गृह निवास हिसार में हो गया है।

   श्री मलिक ने अपने विदाई भाषण में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए  कहा कि सनबीम स्कूल उनके हृदय के अत्यंत करीब है क्योंकि जिले में यह एक मात्र ऐसा निजी स्कूल है जिसने अपने प्रयासों से एनसीसी की वरीयता प्राप्त की। 

    सनबीम स्कूल, सीबीएसई affiliated  बलिया का पहला स्कूल है जिसे NCC की संबद्धता प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है।  यह भी अपने आप मे एक मिसाल है कि जंहा पर लगभग 50 साल पुराने स्कूल पहले से ही मौजूद है जिसमें करीब 48 सीबीएसई से मान्यता प्राप्त विघालय है और 20 के आसपास आईसीएसई से मान्यता प्राप्त विघालय है। परन्तु किसी के पास भी अबतक एनसीसी की ट्रेनिंग संचालित करने की मान्यता प्राप्त नहीं थी l यह सनबीम बलिया के दूरगामी सोच को दर्शाता है जो विघार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। चाहे वो क्षेत्र शिक्षा का हो या खेल और विज्ञान से जुड़ा हुआ। लगभग जीवन के सभी क्षेत्रों में सनबीम स्कूल बलिया के छात्र  अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर अपनी मजबूत  दावेदारी प्रस्तुत करते आ रहे हैं। 


कर्नल मलिक ने विघार्थियों को विधार्थी जीवन में एन सी सी के फायदे बताए तथा एनसीसी प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों क्रमशः A,B,C सर्टिफिकेट के विषय में तथा भविष्य में उनसे होने वाले लाभ के विषय में भी बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किस प्रकार से एनसीसी की सहायता से वे जीवन के विविध क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए उनकी जिज्ञासाएं शांत की।

   श्री मलिक ने बताया कि एनसीसी द्वारा डिफेंस में न केवल लड़कों अपितु लड़कियों के लिए भी अनेकों पद हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से  पैरामिलिट्री फोर्स और डिफेंस के बीच के अंतर को स्पष्ट किया। विद्यालय के निदेशक डॉ कुँवर अरुण सिंह ने कर्नल  मलिक के सम्मान में कहा कि " विद्यालय परिवार कर्नल साहब के उचित मार्गदर्शन तथा सही दिशा निर्देशन का सदैव आभारी रहेगा। और साथ ही अपने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिपल तत्पर रहेगा ।" 

विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा ने अपने अभारोक्ति में  कर्नल मलिक को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बताते हुए एक सैनिक जीवन को आत्मसात करने की प्रेरणा दी ।


No comments