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जानें क्यों कर्मचारियों और शिक्षकों ने मोटरसाइकिल रैली निकाली



रिपोर्ट : धीरज सिंह


बलिया: कर्मचारी शिक्षक अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच के आवाह्न पर मंगलवार को कर्मचारियों और शिक्षकों ने मोटरसाइकिल रैली निकाली। इसमें प्रतिभाग करने वाले हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों ने शहर में भ्रमण करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार को पुरानी पेंशन, कैशलेस चिकित्सा, 7वें वेतन आयोग की वेतन विसंगति समेत सरकार को सम्बोधित 17 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इसमें शिक्षामित्रों व अनुदेशक को नियमित करने व आशा बहु, रसोइया, आंगनबाड़ी सहित सभी संविदाकर्मियों को न्यूनतम 21 हजार मानदेय करने एवं राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग भी शामिल है।


कलेक्ट्रेट परिसर ने जुटे कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए परिषद की जिलाध्यक्ष सत्या सिंह ने कहा कि अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है। स्पष्ट किया कि सरकार ने अगर कर्मचारियों की जायज मांगें नहीं मानी तो आने वाले चुनाव में उनको गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकारी पुरानी पेंशन बहाल करने और कर्मचारियों के हित में तमाम वादे करती है, लेकिन सत्ता में आने  के बाद उसे पूरा करने से भागती है। यही हाल वर्तमान सरकार का भी है। सबने एक स्वर से कहा कि जब तक कर्मचारियों की मांग पूरी नहीं हो जाती है, यह लड़ाई जारी रहेगी। अधिकार मंच के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, महासचिव वेद प्रकाश पांडेय, राजेश पांडेय आदि ने भी सम्बोधित किया।


इस दौरान कर्मचारी नेता सुशील त्रिपाठी, ब्रजेश सिंह, अजय मिश्र, बृजबिहारी सिंह, अरविंद गुप्ता, कौशल उपाध्याय, संजय भारती, अरविंद सिंह, रामशंकर शर्मा, अजीत, बृजमोहन, एलबी शर्मा, करुणेश श्रीवास्तव, ददन भारती, छट्ठू यादव, अभय मिश्र, देवप्रकाश सिंह, विनोद मिश्र, मुकेश उपाध्याय, लाल बाबू, जितेंद्र कुमार, धनंजय, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के सुशील पांडेय कान्ह जी, अनिल सिंह, माध्यमिक शिक्षक संघ के अरविंद राय, डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के राहुल सिंह, शिक्षामित्र संघ के पंकज सिंह, शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह, अजय सिंह, अनिल पांडेय, अजीत पांडेय, ज्ञानेन्द्र प्रसाद, चंदन सिंह, सुशील कुमार, तुषार कांत राय, वीरेंद्र प्रताप यादव, तेजप्रताप सिंह, विद्यासागर दूबे, ब्लॉक मंत्री सतीश चंद वर्मा, प्रवीण ओझा, सुरेश आजाद, टुनटुन प्रसाद, संजय दूबे, शक्ति मिश्र, सन्तोष तिवारी, समरजीत बहादुर सिंह सहित हजारों कर्मचारी थे।

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