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जनपद में है 24000 पेंशनर-वरिष्ठ कोषाधिकारी




बलिया।मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा की अध्यक्षता में 17 दिसम्बर 2021 को कलेक्ट्रेट सभागार में पेंशनर दिवस का आयोजन किया गया।जिसमें सभी विभागों से आए पेंशनरों की समस्याएं सुनी गई। चिकित्सा विभाग से आए पेंशनरों ने अपनी समस्या से अवगत कराते हुए वरिष्ठ कोषाधिकारी ममता सिंह से बताया कि पेंशनर बुजुर्ग हो गए हैं उन्हें आने जाने में बहुत परेशानी होती है ।उनकी  समस्यों को जल्द से जल्द निस्तारित किया जाए साथ ही फैमिली पेंशन के संबंध में भी लोगों की समस्याएं सुनी जाए।अवस्था अधिक होने के कारण उन्हें बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।पेंशनरों ने कहा कि पेंशनरों की मृत्यु हो जाने पर उनके आश्रितों को पेंशन के लिए परेशान होना पड़ता है । इस पर वरिष्ठ कोषाधिकारी ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाएगा। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने कहा कि जो पेंशनर जिले से बाहर चले गए हैं वह लोग ऑनलाइन अपने प्रमाण पत्र जमा करके भी पेंशन प्राप्त कर सकते हैं ।पेंशनरों का कहना था कि बहुत से पेंशनर बीमार हैं जिनकी पेंशन का अधिकांश हिस्सा उनकी चिकित्सा पर खर्च होता है।  इसका ध्यान रखा जाए। इस पर वरिष्ठ कोषाधिकारी ने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए महीने की पहली तारीख को ही सभी पेंशनरों का पेंशन उनके खाते में भेज दिया जाता है।सभी पेंशनरों ने वरिष्ठ कोषाधिकारी के कार्यों की प्रशंसा की और उन्हें धन्यवाद दिया।वन विभाग के पेंशनरो का कहना था कि 3 साल से उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है। प्रोविजनल पेंशन पर वह लोग जीवन यापन कर रहे हैं। इस पर वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि जिन लोगों को भी प्रोविजनल पेंशन मिल रही है उनका मामला कोर्ट में चल रहा है। पेंशन दिवस की अध्यक्षता कर रहे मुख्य विकास अधिकारी ने  संबंधित अधिकारियों से कहा कि पेंशनरों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करे  क्योंकि पेंशनर भी कभी हमारे ही  साथी रहे हैं और कल हम सभी सरकारी कर्मचारी भी पेंशनर ही होंगे । सकारात्मक सोच रखें सब ठीक होगा। अगर किसी के साथ गलत हुआ है तो पत्रावली मंगा कर उसकी जांच कर ली जाए।

 वरिष्ठ कोषाधिकारी ने  कहा  कि जनपद में 24000 पेंशनरो की सुविधा के लिए पेंशन भवन का भी निर्माण किया गया है ।इस भवन में उनके लिए हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध है ।पेंशन दिवस पर सभी पेंशनरो के अतरिक्त संबंधित विभागों के अधिकारीगण भी उपस्थित थे।


रिपोर्ट त्रयंबक नारायण देव गांधी

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